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बच्चों के लिए जानलेवा बन रही सैंड फ्लाई क्या है? डॉक्टर ने बताए लक्षण और कैसे फैलता है संक्रमण

 Written By: Bharti Singh @bhartinisheeth
 Published : Jul 28, 2026 12:13 pm IST,  Updated : Jul 28, 2026 06:55 pm IST

मानसून में मच्छर और मक्खियों से फैलने वाली बीमारियां काफी तेजी से बढ़ती हैं। सैंड फ्लाई यानि रेत मक्खी भी ऐसा ही इंफेक्शन है जो बच्चों में तेजी से फैलता है। हाल ही में गुजरात में सैंड फ्लाई के कई मामले सामने आए हैं। जानिए सैंड फ्लाई संक्रमण के लक्षण क्या हैं?

सैंड फ्लाई क्या है?- India TV Hindi
सैंड फ्लाई क्या है? Image Source : MAGNIFIC

देश के कई हिस्सों में मानसून के दौरान कीटों से होने वाली बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इन्हीं में से एक है सैंड फ्लाई (Sand Fly), जो आकार में मच्छर से भी छोटी होती है, लेकिन इसके काटने से होने वाला संक्रमण कई मामलों में गंभीर साबित हो सकता है। सैंड फ्लाई मुख्य रूप से नमी वाली जगहों, झाड़ियों, पशुओं के बाड़ों, मिट्टी की दरारों और गंदगी वाले क्षेत्रों में पाई जाती है। यह आमतौर पर शाम और रात के समय अधिक सक्रिय रहती है।

हाल ही में गुजरात के अलग-अलग इलाकों में सैंड फ्लाई से पीड़ित बच्चों के मामले देखे गए हैं। यह वायरस गुजरात के गांधीनगर, साबरकांठा, खेड़ा, अरावली और पंचमहाल जिलों में देखने को मिला है। ये वायरस 15 साल से कम उम्र के बच्चों में सैंड फ्लाई (रेत मक्खी) के काटने से ज्यादा फैलता है। 

क्या है सैंड फ्लाई

डॉक्टर नेहा गर्ग (सलाहकार नवजात शिशु रोग, यथार्थ अस्पताल, आगरा) के अनुसार, सैंड फ्लाई लीशमैनियासिस (कालाजार) जैसी गंभीर बीमारी फैला सकती है। यह बीमारी लीशमैनिया नामक परजीवी के कारण होती है, जो संक्रमित सैंड फ्लाई के काटने से शरीर में प्रवेश करता है। सैंड फ्लाई पहले किसी संक्रमित इंसान या जानवर का खून चूसती है और फिर दूसरे व्यक्ति को काटने पर संक्रमण फैला सकती है। यह बीमारी सामान्य संपर्क, हाथ मिलाने, साथ बैठने या भोजन साझा करने से नहीं फैलती।

सैंड फ्लाई के लक्षण क्या है?

सैंड फ्लाई के काटने के बाद शुरुआत में त्वचा पर लाल दाने, खुजली, जलन या हल्की सूजन दिखाई दे सकती है। यदि संक्रमण विकसित हो जाए तो लगातार कई दिनों तक बुखार, अत्यधिक कमजोरी, वजन घटना, भूख कम लगना, एनीमिया, तिल्ली और लीवर का बढ़ जाना जैसे लक्षण सामने आ सकते हैं। कुछ मरीजों में त्वचा पर लंबे समय तक न भरने वाले घाव या अल्सर भी बन सकते हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

सैंड फ्लाई से कैसे करें बचाव?

डॉक्टर नेहा गर्ग ने बताया कि घर और आसपास की साफ-सफाई बनाए रखें, कचरा और नमी जमा न होने दें, रात के समय पूरी बाजू के कपड़े पहनें, कीटनाशक युक्त मच्छरदानी का उपयोग करें और कीट भगाने वाली क्रीम या स्प्रे का इस्तेमाल करें। यदि लंबे समय तक बुखार, त्वचा पर घाव या अन्य असामान्य लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से जांच करानी चाहिए। समय पर पहचान और उचित उपचार से इस बीमारी पर प्रभावी रूप से नियंत्रण पाया जा सकता है।

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)

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