हेल्दी और फिट रहने के लिए बीमारियों से बचे रहना बेहद जरूरी है। आज के समय में ज्यादातर बीमारियों का कारण मोटापा है। ऐसे में वजन को कंट्रोल में रखना बेहद जरूरी माना जाता है। बढ़े हुए वजन से परेशान लोगों को अक्सर नहीं पता होता है कि उनकी हाइट के हिसाब से कितना वेट होना चाहिए। आपने भी डॉक्टर्स को ये कहते सुना होगा कि हाइट के हिसाब से आपका वेट ज्यादा है इसे कम करने की जरूरत है। ऐसे में सवाल उठता है कि हाइट के हिसाब किसी भी व्यक्ति का वेट कितना होना चाहिए। डॉ. अनुपम बिस्वास, सीनियर कंसल्टेंट, एंडोक्रिनोलॉजी, फोर्टिस हॉस्पिटल नोएडा बता रहे हैं आपकी हाइट के हिसाब से कितना होना चाहिए वेट।
कितना होना चाहिए वेट
एक व्यक्ति का परफेक्ट वज़न केवल तौल के पैमाने से मापे गए वज़न पर ही निर्भर नहीं होता है। हाइट, उम्र, शरीर में मांसपेशियों और फैट की मात्रा और कमर की चर्बी सभी ऐसे कारक हैं जिन्हें एक व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति के बारे में बात करते समय ध्यान में रखना ज़रूरी है। फिर भी एक व्यक्ति के हाइट के मुताबिक उसका परफेक्ट वज़न जानने के लिए बॉडीमास इंडेक्स मापना जरूरी है। BMI (शरीर द्रव्यमान सूचकांक) यह जानने का एक आसान तरीका है कि आपकी लंबाई के हिसाब से आपका वजन सही है या नहीं। इसे निकालने का तरीका है अपनी लंबाई (मीटर में) को खुद उसी से गुणा करें (जैसे 1.65 * 1.65 = 2.72)। अब अपने वजन (किलोग्राम) को इस संख्या से भाग दें (जैसे 60/2.72 = 22)।
इससे यह निष्कर्ष निकलता है की 5'5" (150 सेंटीमीटर) हाइट वाले इंसान का वजन 42-56 किलोग्राम के बीच होना चाहिए। , 5'6" (155 सेंटीमीटर) हाइट वाले व्यक्ति का वजन 44-60 किलोग्राम के बीच होना चाहिए । 5'7" (160 सेंटीमीटर) लंबाई वाले व्यक्ति का वजन 47-64 किलोग्राम के बीच होना चाहिए , 5'8" (165 सेंटीमीटर) लंबाई वाले व्यक्ति का वजन 50-68 किलोग्राम के बीच होना चाहिए और 5'9" (170 सेंटीमीटर) लंबाई वाले व्यक्ति का वजन 53-72 किलोग्राम के बीच होना चाहिए। यह केवल एक अनुमान है और हर व्यक्ति का वज़न थोड़ा अलग हो सकता है। केवल एक व्यक्ति के सामान्य बीएमआई रेंज को देखना भारत में स्वास्थ्य जोखिमों का निर्धारण करने के लिए पर्याप्त नहीं है। भारतीयों और दक्षिण एशियाई लोगों में कम BMI होने पर भी पेट और कमर के आसपास फैट जमा होने का जोखिम अधिक रहता है। इसके कारण डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारियों जैसी मेटाबॉलिक समस्याएं कम वजन पर भी पनप सकती हैं।
चाहे वजन अत्यधिक कम हो या बहुत ज्यादा—दोनों ही स्थितियां सेहत के लिए नुकसानदायक हैं। जब शरीर का वजन जरूरत से बहुत कम होता है, तो शरीर को पर्याप्त पोषण नहीं मिल पाता। इसकी वजह से शरीर ऊर्जा के लिए मांसपेशियों के प्रोटीन का इस्तेमाल करने लगता है, जिससे मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं। वहीं शरीर में स्टैमिना की कमी महसूस होती है और दैनिक कार्यों में जल्दी थकावट आती है। इसके अलावा रोग प्रतिरोधक क्षमता घटने से बार-बार इंफेक्शन और बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। जबकि शरीर में जरूरत से ज्यादा फैट जमा होने पर मेटाबॉलिज्म बिगड़ने लगता है और कई गंभीर बीमारियों की संभावना बढ़ जाती है। जैसे शरीर इंसुलिन का सही इस्तेमाल नहीं कर पाता, जिससे ब्लड शुगर बढ़ता है। दिल को खून पंप करने के लिए ज्यादा जोर लगाना पड़ता है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। लिवर में अतिरिक्त फैट जमा होने से लिवर का कामकाज प्रभावित होता है।