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किस बीमारी में किस डॉक्टर के पास जाएं? जानिए कौन-सा स्पेशलिस्ट किस बीमारी का करता है इलाज

 Written By: Bharti Singh
 Published : Aug 12, 2026 03:01 pm IST,  Updated : Aug 12, 2026 03:01 pm IST

बीमार होते ही हम साधारण एमबीबीएस डॉक्टर के पास चले जाते हैं। जो बीमारी ठीक नहीं होने पर मरीज को स्पेशलिस्ट के पास जाने की सलाह देते हैं। वहीं कई बार समझ नहीं आता कि किस बीमारी में कौन सा डॉक्टर इलाज करेगा। आज हमको अलग-अलग बीमारियों के स्पेशलिस्ट के डॉक्टर के नाम बता रहे हैं।

अलग-अलग बीमारियों के स्पेशलिस्ट को क्या कहते हैं- India TV Hindi
अलग-अलग बीमारियों के स्पेशलिस्ट को क्या कहते हैं Image Source : INDIA TV

मेडिकल की दुनिया बहुत बड़ी है, लेकिन अक्सर हम बीमार पड़ते हैं तो सबसे पहले किसी फिजिशियन के पास ही जाते हैं। कई बार प्राइवेट डॉक्टर इसका फायदा उठाते हैं और लंबे समय तक मरीज को अपने पास बुलाते रहते हैं और अपनी फीस वसूलते रहते हैं। ऐसे में कुछ केस खराब भी हो जाते हैं और कई बार जब परेशानी हद से ज्यादा बढ़ जाती है तब जाकर मरीज को स्पेशलिस्ट के पास भेजा जाता है। ऐसे में आपका ये जानना जरूरी है कि अलग-अलग बीमारी के स्पेशलिस्ट कौन होते हैं और इन्हें किस नाम से जानते हैं। ताकि अगली बार आप बीमार पड़ें तो सही स्पेशलिस्ट के पास ही पहुंचें।

अलग-अलग बीमारियों के कौन स्पेशलिस्ट डॉक्टर होते हैं?

इंटरनल मेडिसिन डॉक्टर (Internal medicine doctors)- इन्हें 'इंटर्निस्ट' भी कहते हैं। बड़े लोगों में होने वाली बीमारियों के इलाज के लिए इनसे संपर्क किया जा सकता है। ये शरीर के अंदरूनी अंगों से जुड़ी मेडिकल समस्याओं का इलाज करते हैं। इन्हें आप फिजिशयन भी कह सकते हैं जो स्पेशलिस्ट के साथ मिलकर मरीज की देखभाल कर सकते हैं।

बाल रोग विशेषज्ञ (Pediatricians)- पीडियाट्रिशियन बच्चों के डॉक्टर होते हैं और 18 साल तक के शिशुओं और बच्चों की देखभाल करते हैं। टीका लगाना और बच्चों की बीमारियों में आपको इनसे ही संपर्क करना चाहिए। ये बच्चों के विकास पर भी नजर रखते हैं।

वृद्धावस्था रोग विशेषज्ञ (Geriatricians)- जेरियाट्रिशियन आमतौर पर 65 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को इन्हें दिखाया जाता है। ये डॉक्टर बुजुर्गों की स्वास्थ्य देखभाल की जरूरतों का ध्यान रखते हैं। ये उम्र के साथ होने वाली बीमारियों और उससे जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए होते हैं।

हृदय रोग विशेषज्ञ (Cardiologists)- कार्डियोलॉजिस्ट दिल और रक्त वाहिकाओं से जुड़ी बीमारियों का इलाज करते हैं। ये डॉक्टर कोरोनरी आर्टरी डिजीज, हार्ट फेलियर, हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट वाल्व से जुड़ी समस्याओं का इलाज करते हैं।

फेफड़ों के डॉक्टर (Pulmonologists)- पल्मोनोलॉजिस्ट फेफड़ों और सांस से जुड़ी बीमारियों के विशेषज्ञ होते हैं। ये अस्थमा, सीओपीडी, निमोनिया, फेफड़ों का कैंसर, स्लीप एपनिया और फेफड़ों में खून का थक्का जमने जैसी समस्याओं का इलाज करते हैं।

त्वचा रोग विशेषज्ञ (Dermatologists)- डर्मेटोलॉजिस्ट त्वचा, बाल और नाखूनों से जुड़ी समस्याओं के विशेषज्ञ होते हैं। ये मुंहासे, एक्जिमा, सोरायसिस, त्वचा के संक्रमण और त्वचा के कैंसर जैसी समस्याओं का इलाज करते हैं। 

पेट और पाचन तंत्र के डॉक्टर (Gastroenterologists)- गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट पाचन तंत्र से जुड़ी बीमारियों के विशेषज्ञ होते हैं। पाचन तंत्र में भोजन की नली (इसोफेगस), पेट, आंतें, लिवर, पैंक्रियाज और पित्त की थैली शामिल होती है। ये डॉक्टर एसिडिटी और एसिड रिफ्लक्स, आंतों की सूजन, लिवर की बीमारियों और आंतों के कैंसर जैसी समस्याओं का इलाज करते हैं। जरूरत पड़ने पर ये एंडोस्कोपी और कोलोनोस्कोपी जैसी जांच भी करते हैं।

हार्मोन के डॉक्टर (Endocrinologists)- एंडोक्राइनोलॉजिस्ट शरीर में हार्मोन से जुड़ी समस्याओं और हार्मोन बनाने वाली ग्रंथियों की बीमारियों का इलाज करते हैं। ये डॉक्टर डायबिटीज, थायरॉइड की समस्या, एड्रिनल ग्लैंड से जुड़ी बीमारियों और हार्मोन के असंतुलन का इलाज करते हैं।

दिमाग और नसों के डॉक्टर (Neurologists)- न्यूरोलॉजिस्ट दिमाग, रीढ़ की हड्डी और नसों से जुड़ी बीमारियों के विशेषज्ञ होते हैं। ये डॉक्टर मिर्गी, स्ट्रोक, पार्किंसंस रोग, अल्जाइमर, मल्टीपल स्केलेरोसिस और माइग्रेन जैसी समस्याओं का इलाज करते हैं। बीमारी की पहचान के लिए जरूरत पड़ने पर EEG जैसी विशेष जांच भी की जा सकती है।

कैंसर के डॉक्टर (Oncologists)- ऑन्कोलॉजिस्ट कैंसर की पहचान और इलाज करने वाले विशेषज्ञ होते हैं। मरीज की बीमारी और कैंसर के प्रकार के अनुसार ये इलाज की योजना तैयार करते हैं। इलाज में कीमोथेरेपी, इम्यूनोथेरेपी, टारगेटेड थेरेपी और रेडिएशन थेरेपी जैसी विधियों का इस्तेमाल किया जा सकता है। कैंसर के इलाज में ऑन्कोलॉजिस्ट दूसरे विशेषज्ञ डॉक्टरों के साथ मिलकर भी काम करते हैं।

जोड़ों और ऑटोइम्यून बीमारी के डॉक्टर (Rheumatologists)- रूमेटोलॉजिस्ट जोड़ों, मांसपेशियों और शरीर के उन हिस्सों से जुड़ी बीमारियों का इलाज करते हैं, जिनमें सूजन या ऑटोइम्यून समस्या होती है। ये रूमेटाइड आर्थराइटिस, ल्यूपस, फाइब्रोमायल्जिया और गाउट जैसी बीमारियों का इलाज करते हैं। बीमारी को नियंत्रित रखने के लिए दवाओं के साथ जीवनशैली में बदलाव की सलाह भी दी जा सकती है।

किडनी के डॉक्टर (Nephrologists)- नेफ्रोलॉजिस्ट किडनी से जुड़ी बीमारियों के विशेषज्ञ होते हैं। ये क्रॉनिक किडनी डिजीज, किडनी स्टोन, किडनी से जुड़ी हाई ब्लड प्रेशर की समस्या और शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स के असंतुलन का इलाज करते हैं। डायलिसिस और किडनी ट्रांसप्लांट भी यही करते हैं।

खून से जुड़ी बीमारी के डॉक्टर (Hematologists)- हेमेटोलॉजिस्ट खून और खून बनाने वाले अंगों से जुड़ी बीमारियों के विशेषज्ञ होते हैं। ये एनीमिया, खून बहने से जुड़ी समस्याएं, शरीर में खून के थक्के बनने की समस्या, ल्यूकेमिया और लिम्फोमा जैसी बीमारियों का इलाज करते हैं। खून के कैंसर के इलाज में हेमेटोलॉजिस्ट अक्सर ऑन्कोलॉजिस्ट के साथ मिलकर काम करते हैं।

 

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