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मानसून में क्यों हो जाती है ऑयली स्किन, क्या बार-बार चेहरा धोना है इससे बचने का उपाय, डर्मेटोलॉजिस्ट से जानिए

 Written By: Bharti Singh
 Published : Aug 13, 2026 09:32 am IST,  Updated : Aug 13, 2026 09:32 am IST

मानसून में त्वचा का ऑयली दिखना और हाइड्रेटेड होना दो अलग चीजें हैं। आपकी त्वचा ऊपर से ऑयली दिख सकती है, लेकिन फिर भी अंदर से उसे हाइड्रेशन की जरूरत हो सकती है। जानिए इससे बचने के उपाय।

मानसून में ऑयली स्किन- India TV Hindi
मानसून में ऑयली स्किन Image Source : MAGNIFIC

बारिश के मौसम में हवा में नमी बढ़ जाती है। ऐसे में त्वचा चिपचिपी, पसीने वाली और ज्यादा ऑयली लगने लगती है। ऐसी त्वचा को देखकर अक्सर लगता है कि हवा में इतनी नमी है तो त्वचा भी पर्याप्त हाइड्रेट होगी। लेकिन ऐसा जरूरी नहीं है। स्किनकेयर एक्सपर्ट शाइली मेहरोत्रा के मुताबिक, हवा में ज्यादा नमी होने से त्वचा से पानी का बाहर निकलना कुछ कम हो सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि त्वचा अंदर से पूरी तरह हाइड्रेटेड है। मानसून में ऑयली स्किन, बंद पोर्स, पिंपल्स, संवेदनशील त्वचा और डिहाइड्रेशन जैसी कई समस्याएं एक साथ हो सकती हैं। इसलिए इस मौसम में समझना सबसे जरूरी है कि त्वचा का ऑयली होना और हाइड्रेटेड होना अलग-अलग चीजें हैं।

मानसून में त्वचा ज्यादा ऑयली क्यों हो जाती है?

बारिश के मौसम में गर्मी और नमी के कारण पसीना जल्दी सूख नहीं पाता। वहीं, त्वचा का प्राकृतिक तेल यानी सीबम भी ज्यादा देर तक त्वचा की सतह पर बना रहता है। जब पसीना और तेल त्वचा पर जमा धूल, मेकअप और प्रदूषण के साथ मिलते हैं, तो पोर्स बंद हो सकते हैं और पिंपल्स या एक्ने की समस्या बढ़ सकती है। यह परेशानी खासतौर पर ऑयली या एक्ने-प्रोन स्किन वालों में ज्यादा देखने को मिलती है।

लेकिन यहां एक जरूरी बात समझना जरूरी है। तेल और पानी एक चीज नहीं हैं। त्वचा पर तेल की परत होने का मतलब यह नहीं है कि त्वचा के अंदर पर्याप्त पानी भी है। इसलिए त्वचा ऊपर से ऑयली दिख सकती है, लेकिन अंदर से ड्राई, खिंची हुई या संवेदनशील महसूस हो सकती है। शाइली मेहरोत्रा के मुताबिक, यह समस्या तब और बढ़ सकती है जब लोग ऑयली स्किन देखकर बार-बार चेहरा धोने लगते हैं या बहुत ज्यादा ऑयल-कंट्रोल प्रोडक्ट इस्तेमाल करने लगते हैं।

क्या बार-बार चेहरा धोने से समस्या बढ़ सकती है?

जब चेहरा चिपचिपा लगे तो उसे बार-बार धोने का मन करता है। लेकिन ऐसा करना हमेशा सही नहीं होता। बार-बार चेहरा धोने से त्वचा का प्राकृतिक तेल निकल सकता है और स्किन बैरियर कमजोर हो सकता है। इससे त्वचा ज्यादा संवेदनशील हो सकती है और नमी भी जल्दी खो सकती है। इसलिए पहले त्वचा के ऑयल को कम करने के लिए बार-बार चेहरा धोया जाता है और बाद में स्किन में जलन, ड्राईनेस और डिहाइड्रेशन की समस्या होने लगती है।

डॉक्टर राहुल चौधरी के अनुसार, ज्यादा नमी वाले मौसम में त्वचा नम और पसीने वाली महसूस हो सकती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि वह अंदर से हाइड्रेटेड है। इसलिए चिपचिपाहट दूर करने के लिए बार-बार चेहरा धोने से बचना चाहिए।

AC में रहने से भी बढ़ सकती है परेशानी

मानसून में हम दिनभर अलग-अलग वातावरण में रहते हैं। कुछ समय गर्म और नम मौसम में बाहर रहने के बाद AC वाले ऑफिस, कार या घर में चले जाते हैं। बाहर की नमी और AC की सूखी हवा के बीच बार-बार जाने से त्वचा के आराम और नमी के संतुलन पर असर पड़ सकता है, खासकर तब जब स्किन बैरियर पहले से कमजोर हो।

 

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