नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी स्थित इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल में चिकनगुनिया से पांच लोगों की मौत हो चुकी है, जिसके साथ ही राजधानी में बुधवार तक कुल 10 लोग इस बीमारी से जान गंवा चुके हैं। चिकनगुनिया से पीड़ित 80 वर्षीय एक व्यक्ति ने अपोलो अस्पताल में मंगलवार शाम को दम तोड़ दिया।
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राजधानी स्थित गंगा राम अस्पताल में 13 सितंबर से लेकर अब तक कुल चार लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, बारा हिंदू राव अस्पताल में एक सितंबर को चिकनगुनिया से एक व्यक्ति की मौत हो गई। अपोलो अस्पताल में पिछले तीन सप्ताह के दौरान पांच मौतें हुई हैं।
इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल ने एक बयान में कहा, "चिकनगुनिया के कारण पिछले तीन सप्ताह में पांच लोगों की मौत हुई है, जिनमें से अधिकांश बुजुर्ग थे। ये लोग पहले से ही किडनी व दिल की गंभीर बीमारी से पीड़ित थे और चिकनगुनिया से उनकी हालत और गंभीर हो गई, जिसके कारण उन्हें नहीं बचाया जा सका।"
इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल के मुताबिक, चिकनगुनिया से पीड़ित महेंद्र सिंह की मंगलवार शाम मौत हो गई। अस्पताल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "चिकनगुनिया के कारण मरीज के सभी अंगों ने काम करना बंद कर दिया था और 13 सितंबर की शाम उनकी मौत हो गई।" बयान के मुताबिक, अस्पताल में चिकनगुनिया, डेंगू व बुखार के मरीज आ रहे हैं, जिनका इलाज निर्धारित दिशा-निर्देशों के मुताबिक किया जा रहा है। दिल्ली में चिकनगुनिया से अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है।
चिकित्सा विज्ञान के मुताबिक, चिकनगुनिया से किसी की मौत नहीं हो सकती, लेकिन मरीज को अगर पहले से कोई अन्य बीमारी हो, तो ऐसी स्थिति में हालात बिगड़ सकते हैं और मरीज की मौत हो सकती है।