जम्मू: कश्मीर घाटी में तनाव के बाद अमरनाथ यात्रा रोक दी गई है। शनिवार को किसी भी तीर्थयात्री को जम्मू से अमरनाथ यात्रा के लिए रवाना नहीं होने दिया गया। जम्मू में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, "हिजबुल मुजाहिद्दीन कमांडर बुरहान वानी के मारे जाने के बाद उपजे तनाव की वजह से जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से किसी भी यात्री को कश्मीर जाने की अनुमति नहीं दी गई।"
उन्होंने कहा, "इस स्थिति की बाद में समीक्षा की जाएगी। तब तक अमरनाथ यात्रा रुकी रहेगी।" बुरहान के मारे जाने के बाद से ही दक्षिण कश्मीर, पुलवामा समेत श्रीगर के कई इलाकों में कर्फ़्यू लगा दिया गया है।
अधिकारी ने कहा कि घाटी में हालात का जायजा लेने के बाद ही जम्मू से अमरनाथ यात्रा बहाल करने के बारे में कोई फैसला किया जाएगा।
21 वर्षीय वानी को आतंकी संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन का चेहरा माना जाता था और वह कश्मीरी युवकों को आतंकवाद की तरफ आकर्षित करता था। दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले में कल कोकेरनाग इलाके में वानी के मारे जाने के बाद पैदा हुए तनाव को देखते हुए अधिकारियों ने उक्त कदम उठाए हैं।
वानी ने पिछले महीने जारी एक वीडियो संदेश में कहा था कि उसका संगठन अमरनाथ यात्रियों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाएगा क्योंकि वे हमारे मेहमान हैं। उसका यह संदेश वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों के इस दावे के बाद आया था कि आतंकवादी अमरनाथ यात्रियों को निशाना बना सकते हैं।
गौरतलब है कि अब तक अमरनाथ यात्रा सामान्य ही रही है। अब तक 80,000 से अधिक श्रद्धालु पवित्र गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं।