दिल्ली: छतरपुर स्थित मेड इजी प्रीस्कूल में गुरुवार को बैसाखी का त्योहार उत्साहपूर्वक मनाया गया जिसमें स्कूल के नन्हें छात्रों ने भांगड़ा-गिद्धा प्रस्तुत किया। बैसाखी के पर्व पर छात्रों के साथ शिक्षक भी पंजाबी वेशभूषा पहनकर कार्यक्रम में शामिल हुए। छात्रों को गुरु गोविन्द सिंहजी के बताए रास्ते पर चलने की सीख दी गयी।
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कार्यक्रम की शुरुआत गुरु गोविन्द सिंहजी के जयकारे के साथ हुई जिससे पूरा स्कूल "जो बोले सो निहाल, सत श्री अकाल" से गूंज उठा। इसके बाद स्कूल के छात्रों को बैसाखी पर्व का महत्व समझाया गया। नन्हें छात्रों ने कवितायेँ सुनाई साथ ही पंजाबी गीतों पर भांगड़ा- गिद्धा प्रस्तुत कर वहां मौजूद अन्य छात्रों और शिक्षकों को थिरकने पर मजबूर कर दिया।
बैसाखी पर्व के लिये स्कूल को सजाया गया था जिस के लिये स्कूल में कई दिनों से खास तैयारीयां की गयी थी। शिक्षकों ने बच्चों को 13 अप्रैल 1919 को जलियांवाला बाग़ में हुए नरसंहार के बारे में भी बताया। स्कूल की एमडी ज्योति सिंह ने कहा “इन कार्यकमों के माध्यम से छात्रों को देश की संस्कृति और इतिहास के बारे में अच्छे से जानकारी मिलती है जो उनके ज़हन में गहरी छाप छोड़ता है और साथ ही छात्र तमाम त्योहारों को मनाने के उद्देश्य जान जाते हैं।''