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‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ के बाद भाजपा का नया नारा, ‘सबसे बड़ा धन- बेटी, जल और वन’

 Written By: Bhasha
 Published : Sep 15, 2019 07:43 pm IST,  Updated : Sep 15, 2019 07:43 pm IST

भाजपा के ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय संयोजक राजेंद्र फड़के ने रविवार को एक नया नारा ‘सबसे बड़ा धन- बेटी, जल और वन’ देते हुए लोगों से बेटी पैदा होने पर मिठाई बांटने और पौधारोपण करने की अपील की।

PM Narendra Modi- India TV Hindi
PM Narendra Modi Image Source : PTI

पटना: भाजपा के ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय संयोजक राजेंद्र फड़के ने रविवार को एक नया नारा ‘सबसे बड़ा धन- बेटी, जल और वन’ देते हुए लोगों से बेटी पैदा होने पर मिठाई बांटने और पौधारोपण करने की अपील की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर मनाए जा रहे ‘सेवा सप्ताह’ (14 सितंबर से 17 सितंबर तक) के दौरान पार्टी के नेता और कार्यकर्ता विभिन्न कल्याणकारी गतिविधियों में शामिल हो रहे हैं, विशेष रूप से गरीबों के बीच। 

फड़के ने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि ‘सोनोग्राफी (लिंगपररीक्षण में इस्तेमाल मशीन) को अस्वीकार करने और बच्ची के जन्म को बढ़ावा देने के लिए हमने एक नये नारे की घोषणा की है, ‘सबसे बड़ा धन- बेटी, जल और वन’ और ‘सेवा सप्ताह’ के दौरान हमारे कार्यकर्ता विशेष रूप से बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ टीम जल संरक्षण और बालिकाओं की सुरक्षा के लिए बच्ची के जन्म पर मिठाई बांटने के साथ पौधारोपण करेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी की बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ टीम देश के सभी जिलों और प्रखंडों में ‘सेवा सप्ताह’ कार्यक्रम में भाग लेगी। 

फड़के ने कहा कि भाजपा का बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ प्रकोष्ठ ‘सेवा सप्ताह’ के दौरान दलित क्षेत्रों में कलम, भोजन के पैकेट एवं मिठाई वितरित करने के साथ पूजा और महायज्ञ का आयोजन करेगा एवं आगामी दो अक्टूबर से पॉलिथीन बैग एवं प्लास्टिक के इस्तेमाल को बंद करने के लिए व्याख्यान और संगोष्ठी आयोजन करेगा। उन्होंने कहा कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, नमामि गंगे और स्वच्छ भारत अभियान प्रधानमंत्री के तीन महत्वकांक्षी योजनाए हैं। 

फड़के ने कहा कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान से पिछले पांच साल में देश में लिंगानुपात विशेषकर हरियाणा, राजस्थान और बिहार जैसे राज्यों के कुछ जिलों में सुधार लाने में मदद मिली है। अब इन राज्यों में लिंगानुपात जो प्रति 1000 पुरुष पर 850 से 900 महिलाओं का था बढ़कर 918 या 919 पर पहुंच गया है।

उन्होंने कहा कि देश के 161 जिलों में लिंगानुपात राष्ट्रीय औसत लिंगानुपात प्रति 1000 पुरुष 929 से नीचे था लेकिन अब इन जिलों में भी सुधार हुआ है। फड़के ने लोगों से कन्या को आत्म निर्भर बनाने के लिए सुकन्या समृद्धि योजना का लाभ उठाने की अपील की।

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