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30 मिनट में कोविड-19 मरीजों को नही मिला बेड तो कलेक्टर और संयुक्त कलेक्टर के खिलाफ होगी कार्रवाई: जगन मोहन रेड्डी

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Jul 28, 2020 09:29 pm IST,  Updated : Jul 28, 2020 09:29 pm IST

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने घोषणा की कि अगर 30 मिनट में कोविड-19 मरीजों को बेड आवंटित नहीं किया जाता है तो कलेक्टर और संयुक्त कलेक्टर अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करेंगे।

Collectors and joint collectors will face disciplinary action if Covid patients are not allocated be- India TV Hindi
Collectors and joint collectors will face disciplinary action if Covid patients are not allocated beds in 30 mins: Jagan Mohan Reddy Image Source : GOOGLE

अमरावती: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने घोषणा की कि अगर 30 मिनट में कोविड-19 मरीजों को बेड आवंटित नहीं किया जाता है तो कलेक्टर और संयुक्त कलेक्टर अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना करेंगे। वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि कोविड-19 रोगियों को बैड 30 मिनट में देने की आवश्यकता है अन्यथा कलेक्टरों और संयुक्त कलेक्टरों को जवाबदेह ठहराया जाएगा। अगर मरीजों को बेड न मिले तो यह मानवता पर धब्बा है। इसे एक गंभीर अपराध माना जाएगा।

आंध्र प्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण के 7,948 मामले 

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई एस जगन मोहन रेड्डी ने मंगलवार को कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार को देखते हुए लगता है कि हमें इसके साथ ही जीना होगा। आंध्रप्रदेश में कोरोना वायरस संक्रमण के 7,948 नए मामले सामने आए हैं जिसके बाद मंगलवार को कुल संक्रमितों की संख्या 1,10,297 हो गई। अब तक 52,622 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं और उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है। वहीं 56,527 मरीजों का इलाज चल रहा है। इसके अलावा पिछले 24 घंटों में 58 और लोगों की मौत हो गई जिसके बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 1,148 हो गई। 

मुख्यमंत्री ने दावा किया कि आंध्र प्रदेश एकमात्र ऐसा राज्य है, जो 32,761 प्रति 10 लाख जनसंख्या की दर से प्रतिदिन 50,000 से अधिक जांच की जा रही थीं। उन्होंने जिला कलेक्टरों और अन्य अधिकारियों के साथ की जा रही वीडियो कांफ्रेंस बैठक में कहा कि जब अधिक मामले सामने आ रहे हों तो अधिकारी आशंकित हो जाते हैं। वे आंकड़ों (जांच और मामलों के) के साथ फेरबदल करने की कोशिश करते हैं लेकिन आंध्र प्रदेश में ऐसा कुछ भी नहीं हो रहा है। 

उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य में कोविड-19 के एक लाख से अधिक मामले सामने आए हैं जिनमें से 50,000 से अधिक पहले ही ठीक हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि यहां तक ​​कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री भी कोविड-19 से संक्रमित पाए गए हैं। हम ऐसी स्थिति में हैं जहां हमें कोरोनोवायरस के साथ रहना पड़ सकता है। संक्रमित होना कोई पाप नहीं है। हमें टीका मिलने तक इंतजार करना होगा।

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