नयी दिल्ली : किसी महिला के प्रति अश्लील हावभाव प्रदर्शित करने पर आरोपी को बिना किसी सजा के छोड़ना उचित नहीं है इससे समाज के अंदर अश्लील हरकतों को बढ़ावा मिलेगा। दिल्ली की एक कोर्ट ने अश्लील आचरण के आरोपी एक युवक को एक महीने जेल की सजा सुनाते हुए यह टिप्पणी की। कोर्ट ने आरोपी पर किसी तरह का आर्थिक दंड नहीं लगाया क्योंकि पीड़िता ने आरोपी को माफ करने की दरख्वास्त की थी।
मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट अशोक कुमार ने कहा कि एक महिला के प्रति आरोपी की ओर से किया गया अश्लील आचरण यह दर्शाता है कि उसे किसी तरह का डर नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर अराजक अश्लील आचरण वाली ऐसी घटनाएं अदंडित रहती हैं तो इससे लोगों को मुजरिम द्वारा की गयी उक्त अश्लील हरकत को नकल करने को बढ़ावा मिलेगा। अदालत ने कहा कि मुजरिम योगिंदर किसी नरमी का पात्र नहीं है क्योंकि यह अश्लीलता की गंभीरता को नजरअंदाज करना होगा।
अभियोजन के अनुसार 24 फरवरी, 2012 को योगिंदर ने पीडि़ता की ओर अश्लील हावभाव दिखाया था। वह दक्षिण दिल्ली में आश्रम के समीप एक बस स्टैंड पर अपने कॉलेज बस का इंतजार कर रही थी। उसी इलाके में बच्चों को स्कूल पहुंचाने और लाने का काम करने वाला योगिंदर पीड़िता के सामने रूका, अश्लील टिप्पणियां की।