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व्यापमं: फिर से फर्जी उम्मीदवार के रूप में परीक्षा देने का प्रयास, एक गिरफ्तार

 Written By: India TV News Desk
 Published : Jul 21, 2016 09:24 pm IST,  Updated : Jul 21, 2016 09:24 pm IST

व्यापमं द्वारा प्रदेश में जारी मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा देने का प्रयास करते हुए एक कथित फर्जी उम्मीदवार को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

Vyapam - India TV Hindi
Vyapam Image Source : PTI

भोपाल: व्यापमं द्वारा प्रदेश में जारी मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा देने का प्रयास करते हुए एक कथित फर्जी उम्मीदवार को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह फर्जी उम्मीदवार इससे पहले एक मूल उम्मीदवार के एवज में यह परीक्षा पहले भी दे चुका है। पुलिस अभी तक इस तरह के 12 फर्जी उम्मीदवारों को गिरफ्तार कर चुकी है। चिकित्सा पाठ्यक्रम में प्रवेश और भर्तियों में बड़े पैमाने पर प्रदेश में बहुर्चितत व्यापमं घोटाला पहले हो चुका है और सीबीआई इसकी जांच कर रही है।

सूखी सेवनिया पुलिस थाने के प्रभारी निरीक्षक दीपक खत्री ने बताया कि धौलपुर राजस्थान के रहने वाले फर्जी उम्मीदवार जयवीर गडरिया (23) को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया। उसने पूछताछ में बताया कि इससे पहले 19 जून को वह मूल उम्मीदवार रामदीन गुर्जर के बदले में मध्यप्रदेश पुलिस आरक्षक की भर्ती परीक्षा दे चुका है। उन्होंने बताया कि जयवीर को धौलपुर के ही रहने वाले सतीश गडरिया (20) के बदले मप्र पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा देने के प्रयास में बुधवार को यहां गिरफ्तार किया गया था। खत्री ने बताया कि जयवीर को गुरुवार को अदालत में पेश कर उसके रिमांड की अपील करेंगे।

उन्होंने बताया, पुलिस को शक है कि प्रदेश में चल रही मप्र पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा में कोई संगठित गिरोह काम कर रहा है। निरीक्षक राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि इसी तरह के एक मामले में शहर के बिलखरिया थाने की पुलिस ने फर्जी उम्मीदवार आगरा के निवासी वीरेन्द्र उर्फ बबलू को बुधवार को मूल उम्मीदवार मुरैना के निवासी जितेन्द्र सिंह (30) के एवज में आरक्षक भर्ती परीक्षा देने का प्रयास करते हुए गिरफ्तार किया था। प्रदेश में पुलिस आरक्षक के 14,000 पदों के लिए मप्र आरक्षक भर्ती परीक्षा जारी है। कुछ दिन पहले यह परीक्षा पास कराने के लिये मूल उम्मीदवारों के स्थान पर परीक्षा देने का प्रयास करते हुए 12 से अधिक फर्जी उम्मीदवारों को पकड़ा गया। इनमें पांच लोगों के गिरोह को सागर जिले तथा दो लोगों को भोपाल से पकड़ा गया था।

जांच अधिकारी बीएम द्विवेदी ने बताया कि गिरोह के सरगना मिर्जापुर उत्तरप्रदेश के रहने वाले संजय दुबे को सागर में एक छात्र के स्थान पर यह परीक्षा देते वक्त पकड़ा गया था। उसने पुलिस को बताया कि वह एक उम्मीदवार से यह परीक्षा को पास कराने के एवज में 3.5 लाख रुपए वसूल करता था। पुलिस सूत्रों ने बताया कि फर्जी उम्मीदवारों में अधिकांश उत्तरप्रदेश से संबंधित हैं। इनमें से कुछ चालबाज अभी भी मप्र पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा को पास कराने के गोरखधंधे में लगे हुए हैं। इस परीक्षा में नौ लाख उम्मीदवार शामिल हो रहे हैं। व्यापमं के निदेशक भास्कर लक्ष्यकार ने बताया, पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा में जांच के दौरान मूल उम्मीदवारों के स्थान पर परीक्षा देने के प्रयास में 12 फर्जी उम्मीदवारों को परीक्षा स्थल में प्रवेश करने से पहले ही पकड़ कर पुलिस को सौंपा गया है।

उन्होंने बताया कि मप्र पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा में कुछ गिरोहों द्वारा सेंध लगाने की गुप्तचर सूचना मिलने के बाद हमने इस परीक्षा की सुरक्षा और उम्मीदवारों के जांच पड़ताल के प्रक्रिया सख्त कर दी थी। यह परीक्षा 17 जुलाई से 8 अगस्त तक प्रदेश के विभिन्न शहरों में हो रही है। फर्जी उम्मीदवार जयवीर भोपाल में रातीबढ़ के एक केन्द्र में 19 जून को मूल उम्मीदवार रामदिन के स्थान पर यह परीक्षा दे चुका है के सवाल पर भास्कर ने कहा कि पुलिस से पूरी जानकारी मिलने के बाद हम इस मामले में सख्त कार्रवाई करेगें। उन्होंने बताया कि प्रदेश में चल रही इस परीक्षा में गड़बड़ी रोकने के लिए पूरी सूरक्षा के साथ वीडियोग्राफी भी कराई जा रही है।

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