वॉशिंगटन। ईरान पर अमेरिकी हमले की आशंकाओं के बीच ईरान पर आर्थिक बम गिरा दिया गया है। बहुराष्ट्रीय कार्यबल ने शुक्रवार को कहा कि आतंकी वित्त पोषण बंद करने में असफल रहने को लेकर वह ईरान के खिलाफ आर्थिक प्रतिबंधों को और कड़ा कर रहा है।
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इस संबंध में 38 देशों के आर्थिक कार्रवाई दल (एफएटीएफ) का कहना है कि अगर ईरान अक्टूबर तक इस वित्त पोषण को नियंत्रित करने में असफल रहता है तो उसके खिलाफ और सख्त आर्थिक कदम उठाए जाएंगे। एक बयान के मुताबिक, एफएटीएफ ईरान से आशा करता है कि वह सुधार की दिशा में सरलता से आगे बढ़ेगा और सुनिश्चित करेगा कि सभी कमियां दूर की जाएं।
अमेरिका के राजस्व मंत्री स्टीवन नुचिन ने शुक्रवार को अपने भाषण में ‘‘ईरान द्वारा जानबूझ कर आतंकवादियों का वित्त पोषण और प्रणालीगत धन शोधन रोकने में असफल रहने की निंदा की।’’ पिछले एक साल में अमेरिका ने ईरान के खिलाफ कई आर्थिक प्रतिबंध लगाए हैं। खास तौर से 2015 के परमाणु समझौते से हटने के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले के बाद से अमेरिका ईरान के खिलाफ कठोर कदम उठा रहा है।
वहीं ईरान द्वारा एक अमेरिकी ड्रोन मार गिराए जाने के बाद दोनों देशों के बीच बढ़े तनाव की पृष्ठभूमि में ट्रंप ने शुक्रवार को ट्वीट किया कि पिछली रात और सख्त प्रतिबंध लगाए गए हैं। हालांकि अभी तक प्रतिबंधों की घोषणा नहीं हुई है ।