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ईरान का दावा, ड्रोन घटना पर अमेरिका बोल रहा है झूठ, UN में करेंगे साबित

 Edited By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Jun 21, 2019 07:48 am IST,  Updated : Jun 21, 2019 07:48 am IST

इससे पहले, अमेरिका के एक जनरल ने कहा था कि ड्रोन ईरानी तट से 34 किलोमीटर दूर था। ज़रीफ ने कहा, ‘‘हम जंग नहीं चाहते हैं, लेकिन हम अपने आसमान, ज़मीन और जल क्षेत्र का पूरी तरह से बचाव करेंगे।’’

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ईरान का दावा, ड्रोन घटना पर अमेरिका बोल रहा है झूठ, UN में करेंगे साबित

तेहरान: ईरान ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह यह साबित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र जाएगा कि उसने अमेरिका के जिस जासूसी ड्रोन को मार गिराया है वह ईरानी हवाई क्षेत्र में घुस आया था। ईरान के विदेश मंत्री जवाद ज़रीफ ने ट्वीट किया, ‘‘हम इस नई आक्रमकता को संयुक्त राष्ट्र ले जाएंगे और दिखांएगे कि अमेरिका अंतरराष्ट्रीय जल क्षेत्र के बारे में झूठ बोल रहा है।’’

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इससे पहले, अमेरिका के एक जनरल ने कहा था कि ड्रोन ईरानी तट से 34 किलोमीटर दूर था। ज़रीफ ने कहा, ‘‘हम जंग नहीं चाहते हैं, लेकिन हम अपने आसमान, ज़मीन और जल क्षेत्र का पूरी तरह से बचाव करेंगे।’’

बता दें कि ईरान के सशस्त्र बल ‘रिवोल्यूशनरी गार्ड’ ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने हर्मुज जलसंधि के पास अपने हवाई क्षेत्र में एक अमेरिकी जासूसी विमान को मार गिराया है। सामरिक महत्व के इस समुद्री मार्ग में तनाव बढ़ाने वाली यह ताजा घटना है। वहीं पेंटागन का कहना है कि ड्रोन अंतराष्ट्रीय हवाई क्षेत्र में था, ना कि ईरान के हवाई क्षेत्र में।

अमेरिकी मध्य कमान के प्रवक्ता एवं नौसेना कैप्टन बिल अर्बन ने कहा कि विमान के ईरान के हवाई क्षेत्र में होने की ईरानी रिपोर्ट झूठी है। इससे पहले, रिवोल्यूशनरी गार्ड ने एक बयान में कहा कि अमेरिका निर्मित ग्लोबल हॉक निगरानी ड्रोन विमान को एक मिसाइल से निशाना बनाया गया। उस पर यह हमला उस वक्त किया गया, जब वह होरमोजगन प्रांत के जल क्षेत्र के ऊपर था। ईरानी सेना ने ड्रोन की तस्वीरें अभी प्रकाशित नहीं की है। 

उल्लेखनीय है कि इस जल क्षेत्र में करीब हफ्ते भर पहले दो टैंकरों पर हमला हुआ था और अमेरिका ने इस हमले के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया था। इस घटना से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ रहा है। हालांकि, ईरान ने इसमें अपनी किसी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है। ईरान ने संकेत दिया है कि अमेरिका ने ही यह हमला (जहाजों पर) कराया होगा ताकि इसके बहाने इस्लामी गणराज्य (ईरान) के खिलाफ बल प्रयोग किया जा सके। 

तसनीम समाचार एजेंसी ने रिवोल्यूशनरी गार्ड प्रमुख हुसैन सलामी के हवाले से बताया कि ड्रोन विमान को गिराना ईरान की सीमाओं की हिफाजत करने वालों की ओर से एक स्पष्ट संदेश है। सलामी ने कहा, ‘‘हम यह घोषणा करते हैं कि हम युद्ध नहीं चाहते हैं लेकिन हम युद्ध की किसी भी घोषणा का जवाब देने के लिए तैयार हैं।’’ गौरतलब है कि 2015 के ऐतिहासिक परमाणु करार से पिछले साल मई में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हटने की घोषणा के बाद से दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया है।

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