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विपक्ष बरसने को तैयार, GST पर सरकार को सबके साथ की दरकार

 Written By: India TV News Desk
 Published : Jul 17, 2016 05:06 pm IST,  Updated : Jul 17, 2016 05:06 pm IST

जहां एक ओर विपक्ष सरकार को कई मोर्चों पर घेरने की तैयारी कर चुका है वहीं सरकार को उम्मीद है सभी विपक्षी दल इस संसद सत्र में लंबित जीएसटी विधेयक को पास कराने के लिए मदद को आगे आएंगे।

Parliament Session
- India TV Hindi
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नई दिल्ली: सोमवार से शुरू हो रहे मानसून सत्र के पहले सरकार ने विपक्ष को मनाने की तैयारी शुरू कर दी है। जहां एक ओर विपक्ष सरकार को कई मोर्चों पर घेरने की तैयारी कर चुका है वहीं सरकार को उम्मीद है सभी विपक्षी दल इस संसद सत्र में लंबित जीएसटी विधेयक को पास कराने के लिए मदद को आगे आएंगे। राज्य सभा में बहुमत से दूर केंद्र सरकार के लिए मौजूदा माहौल में जीएसटी बिल को पास कराना सबसे बड़ी चुनौती है।   

अरूणाचल प्रदेश और कश्मीर को लेकर सरकार को घेरेगा विपक्ष

विपक्ष उसके शासित राज्यों में अस्थिरता की कथित कोशिशों और कश्मीर में अशांति को लेकर संसद के मॉनसून सत्र में सरकार को घेरने का प्रयास करेगा, लेकिन जीएसटी विधेयक जैसे कदमों पर उसका समर्थन भी करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जीएसटी को राष्ट्रीय महत्व का बताया। सोमवार से शुरू हो रहे संसद सत्र से पहले आज सर्वदलीय बैठक में कई विपक्षी दलों के नेताओं ने अरूणाचल प्रदेश और उत्तराखंड के घटनाक्रम पर अपनी राय रखी और सरकार को निशाने पर लेने का संकेत दिया। राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि राज्यों को केंद्र की भाजपा नीत सरकार पर अब भरोसा नहीं रह गया है। सूत्रों ने बताया कि इस बैठक में बाद में पहुंचने वाले प्रधानमंत्री ने कश्मीर के घटनाक्रम पर एक सुर में बोलने को लेकर सभी दलों को धन्यवाद दिया। उन्होंने यह कहते हुए जीएसटी विधेयक को पारित कराने में उनसे समर्थन मांगा कि यह राष्ट्रीय महत्व का है।

जीएसटी के लिए सरकार और विपक्ष साथ आए: ऐसोचैम

सरकार और प्रमुख विपक्षी दल को संसद के आगामी मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) से जुड़े लंबे समय से अटके संविधान संशोधन विधेयक को पारित करने के लिए साथ चाहिए। यह बात आज उद्योग मंडल ऐसोचैम ने कही। ऐसोचैम ने अपने महासचिव डी एस रावत के हवाले से कहा, ऐसे समय में जबकि मुद्रास्फीति (खुदरा मुद्रास्फीति और थोकमूल्य मुद्रास्फीति) में तेजी और औद्योगिक वृद्धि में नरमी जैसे वृहत आर्थिक जोखिम के फिर से आने और वैश्विक- भू-राजनैतिक मुश्किलें बढ़ने तथा औद्योगिक वृद्धि में नरमी बरकरार रहने के बीच जीएसटी विधेयक का पारित होना ऐसी नकारात्मक स्थितियों से बचा सकता है।

मानसून सत्र में सरकार को जीएसटी पास होने की उम्मीद

संसद के मानसून सत्र में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) समेत अनेक लोक कल्याण, विकास एवं सुधार से जुड़े विधेयक पारित होने की उम्मीद व्यक्त करते हुए संसदीय कार्य राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि जीएसटी पर सरकार को कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी दलों का रचनात्मक सहयोग मिलेगा और सुधार की प्रक्रिया को सबके सहयोग से आगे बढ़ाया जाएगा। कश्मीर की स्थिति को सीमापार (पाकिस्तान) से खराब करने की साजिश बताते हुए नकवी ने कहा कि अलगाववादी, आतंकी और अमन विरोधी ताकतें कश्मीर में माहौल को खराब करने का षड्यंत्र कर रही हैं जिसे प्रदेश की अमनपरस्त जनता पराजित करेगी और कश्मीरियत को कायम रखेगी। नकवी ने कहा, संसद के सोमवार से शुरू होने वाले मानसून सत्र में सरकार का रूख रचनात्मक होगा। संसद में कई महत्वपूर्ण विधेयक लंबित हैं जिन्हें पारित किया जाना है। कई ज्वलंत मुद्दे हैं जिन पर चर्चा होनी है।

जहरीले माहौल में कांग्रेस से जीएसटी विधेयक पारित कराने की उम्मीद करना अवास्तविक:रमेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर राजनीतिक माहौल को विषैला बनाने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने कहा कि भाजपा-नीत राजग का यह उम्मीद लगाना अवास्तविक है कि कांग्रेस संसद के मॉनसून सत्र में जीएसटी विधेयक पारित कराने में सहयोग करेगी। रमेश ने कहा, सरकार अरणाचल प्रदेश, उत्तराखंड, मणिपुर और मेघालय में संवैधानिक हत्या कर जीएसटी विधेयक पारित होने की उम्मीद नहीं कर सकती। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया, मेघालय और मणिपुर में लोकतंत्र की हत्या की प्रक्रिया अब भी चल रही है। सरकार उच्चतम न्यायालय के अधिकार कम करने के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रयास कर रही है और मुझे लगता है कि यह हमारे लोकतंत्र के लिए खतरनाक है।

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