सूरत: गुजरात के सूरत में आदिवासी कल्याण मंत्री ने शराब पीने को लेकर हैरान करने वाला बयान दिया है। गुजरात में शराब पर पूर्ण बैन है इसके बाद भी गुजरात सरकार के मंत्री कांति गामित ने कहा कि शराब पीना गलत नहीं है लेकिन लिमिट में पीना चाहिए। गामित सूरत में आदिवासियों के बीच सभा कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने तो बाकायदा शादी और त्यौहार में शराब पीने की छूट मिलने की वकालत भी कर दी।
गुजरात के छोटा उदयपुर में आदिवासी क्षेत्र के बच्चों को स्कुल जाने के लिए प्रोहत्साहित करने हेतु प्रवेशउत्सव का मौका था जहां आदिजाति कल्याण मंत्री कांति गामीत पहुंचे थे। मंत्री जी यहां बच्चों के भविष्य या उनकी शिक्षा को लेकर बातें नहीं कर रहे थे बल्कि यह आदिवासी समाज के लोगो को शराब पिने की हिदायत देते नजर आये।
‘पुरुष शराब पीते है तो उन्हें रोका न जाये बल्कि उसे स्वीकार करें’
गुजरात में शराब पीना और बेचना दोनों पर पाबन्दी है उसके बावजूद मंत्री महोदय ने आदिवासी समाज के लोगो को संबोधित करते हुए कहा की अपने यहाँ जो पीते है तो माप में पिया करे। साथ ही मंत्री जी ने आदिवासी महिलाओ को यह तक कह दिया की जब उनके घर के पुरुष किसी प्रसंग में शराब पीते है तो उन्हें रोका न जाये बल्कि उसे स्वीकार करें।
‘शराब पीयो लेकिन लिमिट में’
अपने संबोधन में मंत्री जी ने कहा, ‘हमारे यहां जो कोई भी पीता हो, तो माप में पियो। मैं ये नहीं कहता कि लोग शराब छोड़ दो। लेकिन आदिवासियों का कोई माप ही नहीं है। पीने बैठ जाएं तो पूरा दिन निकल जाता है। बहनों आप इन्हें प्रेम से समझाइये। अभी वो दिन गए, जब शादी ब्याह और त्योहार हो तभी थोडा बहुत पीते हो। तो इसे स्वीकार कीजिए।’
गौरतलब है कि गुजरात में शराब पर पूर्ण पाबन्दी है लेकिन जब खुद गुजरात सरकार आदिवासी कल्याण मंत्री शराब पिने की तरफदारी करते नजर आये तो लाजमी है कि सरकार और लोग भी हक्के बक्के रह जायेंगे। मंत्री कांति गामित ने ऐसा विवादित बयान दिया है जिससे सरकार की फजियत हो गई है और विपक्ष को सरकार के खिलाफ बोलने का मौका मिल गया है ।