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दबोचा गया दहशत का 'पंडित', AK-47 वाले टारगेट किलर का खेल खत्म!

 Written By: India TV News Desk
 Published : May 28, 2016 04:35 pm IST,  Updated : May 28, 2016 04:35 pm IST

श्रीनगर: वो आतंकी जिसके निशाने पर अक्सर सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवान रहा करते थे। जो जंगलों से निकलकर पुलिसवालों की टारगेट किलिंग करता था और फिर वापस जंगलों में जाकर छिप जाता था।

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श्रीनगर: वो आतंकी जिसके निशाने पर अक्सर सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवान रहा करते थे। जो जंगलों से निकलकर पुलिसवालों की टारगेट किलिंग करता था और फिर वापस जंगलों में जाकर छिप जाता था। आतंक का ये कुख्यात कमांडर अब आर्मी के हत्थे चढ़ चुका है। इसका नाम तारिक अहमद पंडित है।

कुछ दिन पहले तारिक अहमद पंडित का एक वीडियो सामने आया था। इस वीडियो में तारिक अपने दोस्त जिगरी दोस्त नासिर अहमद पंडित के साथ दिखा था। नासिर को सुरक्षाबलों ने पहले ही मार गिराया था लेकिन तारिक बार-बार बच जा रहा था। दहशत के इस पंडित की तलाश में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाए जा रहे थे और छापेमारी चल रही थी। आर्मी की मूवमेंट से डरे हिज्बुल के इस कमांडर ने आज सरेंडर कर दिया।

जिगरी दोस्त के उकसाने पर बना दहशतगर्द

पुलवामा का रहने वाला आतंकी तारिक अपने जिगरी दोस्त नसीर अहमद पंडित के उकसाने पर दहशतगर्द बन गया था। 1 साल पहले तक तारिक का आतंक से कोई लेना-देना नहीं था लेकिन अपने पुराने दोस्त नसीर अहमद पंडित से दोस्ती निभाने के लिए ये दहशतगर्द बन गया और फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। तारिक जम्मू-कश्मीर पुलिस के भगोड़ा कांस्टेबल नसीर के गांव का ही रहने वाला था। नसीर एक साल पहले पुलिस की 2 एके-47 लेकर भागा था। इनमें से एक राइफल तारिक को मिली थी। नसीर ने ही तारिक को हिज्बुल मुजाहिदीन के बुरहान गुट में शामिल करवाया था।

आतंक के टॉप कमांडर का सबसे बड़ा राजदार है तारिक

हिज्बुल में शामिल होने के बाद तारिक ने ताबड़तोड़ आतंकी वारदातें शुरू कर दीं। जल्द ही ये आतंकी बुरहान का करीबी बन गया और बुरहान के साथ की ग्रुप तस्वीरों में नजर आने लगा। इसी के बाद ये दहशतगर्द आर्मी के निशाने पर आ गया। सेना ने तारिक को A+ ग्रेड का आतंकी घोषित कर रखा था। दक्षिण कश्मीर के जंगलों में ये दहशतगर्द भागा-भागा फिर रहा था और इसी बीच नासिर ढेर हो गया। अपने दोस्त नासिर पंडित का हश्र देख तारिक बेहद डरा हुआ था और इसी खौफ की वजह से आतंक के इस कुख्यात कमांडर ने आर्मी के सामने सरेंडर कर दिया। सुरक्षाबलों को उम्मीद है कि बुरहान के इस राजदार से कई ऐसी जानकारियां मिलेंगी जिससे हिज्बुल को उखाड़ने में और ज्यादा मदद मिलेगी।

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