लखनऊः उत्तर प्रदेश की राजधानी में पहली बार किसी महिला को पुलिस महकमे की कमान सौंपी गई है। मंजिल सैनी लखनऊ की पहली महिला वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) बनी हैं। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंगलवार को ट्वीट कर यह जानकारी दी। हालांकि मुख्यमंत्री के गृह-जिले इटावा में तैनात मंजिल सैनी को लखनऊ लाए जाने को लेकर सोमवार रात तक प्रशासनिक ऊहापोह की स्थिति रही।
लखनऊ में उनकी तैनाती की घोषणा के तीन घंटे बाद ही रात पौने 11 बजे शासन स्तर से मंजिल का तबादला रोक दिया गया था। मंजिल को बधाइयां मिलने लगी थीं, जो अचानक रुक गईं। चर्चा है कि मुख्यमंत्री के परिवार में विरोध के कारण मंजिल की लखनऊ में प्रतिनियुक्ति रोक दी गई, लेकिन अपनी छवि का ख्याल करते हुए अखिलेश ने मंगलवार सुबह ट्वीट कर मंजिल सैनी की लखनऊ में तैनाती की जानकारी दी। इसके बाद डीजीपी जावीद अहमद ने भी इस संबंध में ट्वीट किया।
'लेडी सिंघम' के रूप में चर्चित मंजिल सैनी वर्ष 2005 की आईपीएस अधिकारी हैं। मंजिल लखनऊ के इतिहास की पहली महिला एसएसपी बनी हैं। दिल्ली में 19 सितंबर 1975 को जन्मीं मंजिल सेंट स्टीफंस कॉलेज की छात्रा रही हैं। एमए की डिग्री लेने के बाद वह भारतीय पुलिस सेवा में आईं। वह सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी के विधायकों को भी कानून का पाठ पढ़ाने से नहीं चूकतीं।
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मुजफ्फरनगर दंगे से पहले मंजिल सैनी वहां की एसपी थीं। उनका वहां से तबादला भी दंगों का एक कारण माना जा रहा है। मुजफ्फरनगर दंगे पर बन रही फिल्म में मंजिल सैनी का किरदार दक्षिण भारतीय फिल्मों की सुपरस्टार ऐश्वर्या देवन निभा रही हैं।