हनोई: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 4-5 सितंबर को आयोजित जी-20 शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए वियतनाम से चीन के हांगझू के लिए रवाना हो गए। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने ट्वीट के जरिए यह जानकारी दी। चीन रवाना होने से पहले मोदी ने शानदार आतिथ्य के लिए वियतनाम के लोगों और वहां की सरकार का शुक्रिया अदा किया।
प्रधानमंत्री ने वियतनाम के लोगों का शुक्रिया अदा किया और कहा कि इस यात्रा वो यादगार और बेहद फलदायक यात्रा को रूप में याद रखेंगे। इस यात्रा ने भारत-वियतनाम के बेहतर संबंधों का मार्ग प्रशस्त किया है। इससे पहले दिन में मोदी ने वियतनाम के प्रधानमंत्री नुएन सुअन फुक के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत की, जिसके बाद दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को बढ़ावा देते हुए 12 समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
नुएन की मेजबानी में आयोजित एक भोज में हिस्सा लेने के बाद मोदी ने कुआन सू पगोडा का दौरा किया, जिसे यहां राजदूत पगोडा के नाम से भी जाना जाता है। इसके बाद उन्होंने वियतनाम नेशनल एसेंबली की अध्यक्ष गुएन थी किम गान से मुलाकात की।
उन्होंने वियतनाम के राष्ट्रपति त्रान दयी कुआंग से भी मुलाकात की, जिन्होंने भारत के एक्ट ईस्ट नीति के पक्ष में आवाज उठाई। सबसे अंत में उन्होंने कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ वियतनाम के महासचिव गुएन फू त्रोंग से मुलाकात की। बीते 15 वर्षो के दौरान यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री का पहला द्विपक्षीय वियतनाम दौरा है। इससे पहले अटल बिहारी वाजपेयी ने साल 2001 में वियतनाम की यात्रा की थी।