नई दिल्ली: टाटा समूह के पूर्व रणनीतिकार और अब भंग की जा चुकी समूह कार्यकारी परिषद के सदस्य निर्मल्य कुमार ने कहा है कि उन्हें उनके पद से टाटा संस के हटाए गए चेयरमैन साइरस मिस्त्री के साथ गंभीरता और गहनता के साथ काम करने के लिए हटाया गया है।
कुमार ने पिछले सप्ताह टाटा केमिकल्स के निदेशक का पद भी छोड़ दिया है। उन्होंने 'आई जस्ट गॉट फायर्ड' यानी मुझे अभी-अभी बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है शीर्षक एक ब्लॉग में लिखा है कि उन्हें उनके पद से हटाने की सूचना एक सहयोगी से उसी दिन मिली जिस दिन मिस्त्री को हटाया गया। उनके साथ मैं काफी गंभीरता तथा गहनता के साथ काम कर रहा था। सब कुछ एक मिनट में खत्म हो गया।
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कुमार ने उचित और टाटा के तरीके से हटकर काम करने के लिए टाटा समूह पर हमला बोलते हुए लिखा, ऐसा नहीं है कि मुझे खराब प्रदर्शन की वजह से हटाया गया हो। मेरा पिछला आकलन शानदार था। मैं हमेशा सर्वश्रेष्ठ करता हूं। मैं अपने से इससे कम की उम्मीद नहीं करता। मैं उतना करता हूं जितना किसी को मुझे अधिकतम उम्मीद होती है। मुझे सिर्फ इसलिए हटाया गया क्योंकि मैं साइरस के साथ गहनता और गंभीरता से काम कर रहा था।
कुमार ने याद करते हुए कहा कि किस तरह उन्हें 24 अक्तूबर को मिस्त्री को बर्खास्त करने की सूचना करीब 100 युवा छात्रों और प्रबंधकों के पैनल के समक्ष दी गई। ये छात्र टाटा द्वारा सालाना आयोजित प्रतियोगिता टीबीएलए में भाग ले रहे थे। कुमार ने कहा कि उन्हें हटाए जाने का कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया।
उन्होंने लिखा कि मुझे अपने एक सहयोगी जिनके साथ मैं काफी करीबी से काम करता था ने सूचित किया कि मुझे आपको यह बुरी खबर देने की जिम्मेदारी दी गई है कि आपकी सेवाओं की अब जरूरत नहीं है। कोई स्पष्टीकरण नहीं। मैंने पूछा कि क्या इसका मतलब है कि मुझे कल सुबह आने की जरूरत नहीं है, इस पर उन्होंने हां में जवाब दिया। सब कुछ एक मिनट में खत्म हो गया।
इस बारे में संपर्क करने पर टाटा संस के प्रवक्ता ने कहा कि पूर्व में जो सूचना दी गई थी उससे अतिरिक्त कहने के लिए उनके पास कुछ नहीं है। कंपनी ने बयान जारी कर कहा था कि निर्मल्य कुमार, एन एस राजन और मधु कन्नन ने टाटा संस के बाहर विकल्प तलाशने का फैसला किया है और कंपनी छोड़ दी है।