नई दिल्ली: मशहूर फ्रेंच भविष्यवक्ता नास्त्रेदमस को या उनकी द्वारा की गई भविष्यवाणियों को किसी परिचय की ज़रूरत नहीं है। नास्त्रेदमस ने केवल अमेरिका, यूरोप के बारें में ही भविष्यवाणी नहीं की बल्कि उन्होंने भारत के भविष्य के बारे में भी बताया था।
अमेरिका में हुए राष्ट्रपति चुनाव, 2016 भी नास्त्रेदमस भविष्यवाणियों से अछूते नहीं हैं। नास्त्रेदमस ने पहले ही बताया था कि बराक ओबामा 2013 में इलैक्शन जीतेंगे। लेकिन उन्होंने यह भी भविष्यवाणी की थी की ओबामा अमेरिका के 'अंतिम राष्ट्रपति' होंगे। उनकी यह भविष्यवाणी डोनॉल्ड ट्रंप के 2016 राष्ट्रपति चुनाव जीतते ही सच साबित होती नज़र आ रही है।
मोदी बनाएंगे भारत को महाश्क्ति
यही नहीं नास्त्रेदमस ने करीब 450 साल पहले ही इस बात की भविष्यवाणी कर दी गई थी कि वर्ष 2014 से 2026 तक भारत का प्रतिनिधित्व एक ऐसा व्यक्ति करेगा जिससे शुरुआत में लोग बहुत ही नफरत करेंगे लेकिन बाद में जनता और बाकी सभी लोग उसे उतना प्यार देंगे कि वह अगले 20 साल तक भारत का प्रधानमंत्री रहेगा।
उन्होंने कहा था कि एक दिन मोदी का शासन भारत देश में होगा, जो एक महाशक्ति बनकर उभरेगा और इससे भारत में कायापलट होगा और दुश्मन राष्ट्रों का वजूद मिट जाएगा। इसके बुद्धि-चातुर्य और ताकत की वजह से यह एशिया पर राज करेगा।
चरमराएगी अमेरिका की अर्थव्यवस्था
नास्त्रेदमस के अनुसार साल 2016 में अमेरिका की अर्थव्यवस्था चरमरा जाएगी और दूरगामी परिणाम भुगतने पड़ेंगे वो अपनी संपत्तियां और कारोबार गोल्ड के बदले डॉलर में बेचने का प्रयास करेगा। इसकी शुरुआत वह दक्षिण अफ्रीका,कनाडा, चीन और आस्ट्रेलिया से कर सकता है।
नास्त्रेदमस ने यह भी कहा कि उसका जन्म संसार में वहां होगा जहां तीन समुद्र आकर मिलते हैं और उस शासक के लिए पवित्र दिन गुरूवार होगा। विश्व में मात्र एक ही जगह है जहां तीन समुद्र मिलते हैं, वह है हिन्द महासागर। साथ ही गुरूवार का दिन केवल हिन्दू धर्म में ही पवित्र माना जाता है।
होगा तीसरा विश्व युद्ध
नास्त्रेदमस ने प्रथम, द्वतीय, और तीसरे विश्वयुद्ध के बारे में भविष्यवाणी की थी। जिसमें दो सच साबित हुई। तीसरी भविष्यवाणी के अनुसार नास्त्रेदमस ने कहा था कि मिडिल ईस्ट दुनिया की जंग का मैदान बन जाएगा जहां दुनिया भर की ताकतें अपनी शक्ति का प्रदर्शन करेंगी। यहां विश्व की कट्टर विरोधी ताकतें तथा अमरीका और रूस भी मिलकर एक हो जाएंगे और दुनिया में शांति लाने के लिए आतंकवाद के खिलाफ खड़े हो जाएंगे।