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कश्मीर उपद्रव: ताजा झड़पों में 200 घायल, घाटी के दौरे पर हैं कई सांसद

 Written By: IndiaTV Hindi Desk
 Published : Sep 04, 2016 10:15 pm IST,  Updated : Sep 04, 2016 10:15 pm IST

रविवार को लगातार 58वें दिन भी कश्मीर में उपद्रव ने थमने का नाम नहीं लिया। घाटी में झड़प की ताजा घटनाओं में 200 से ज्यादा लोग घायल हो गए। प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हई इन झड़पों में कई को गंभीर चोटें आई हैं।

तस्वीर 1 सितंबर की है।...- India TV Hindi
तस्वीर 1 सितंबर की है। (फोटो: AP)

श्रीनगर: रविवार को लगातार 58वें दिन भी कश्मीर में उपद्रव ने थमने का नाम नहीं लिया। घाटी में झड़प की ताजा घटनाओं में 200 से ज्यादा लोग घायल हो गए। प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हई इन झड़पों में कई को गंभीर चोटें आई हैं। इस समय श्रीनगर में घाटी के हालात का जायजा लेने के लिए सांसदों का एक ऑल पार्टी डेलिगेशन भी मौजूद है।

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कश्मीर घाटी में जनजीवन लगातार 58वें दिन भी बाधित रहा। जम्मू-कश्मीर पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया कि श्रीनगर के खानयार, सफाकदल, नौहट्टा, रानीवाड़ी और एमआरगंज जैसे कुछ थाना क्षेत्रों के छोड़कर घाटी के किसी और इलाके में कर्फ्यू नहीं लगाया गया है। उन्होंने बताया कि श्रीनगर, अनंतनाग, पुलवामा, कुलगाम, शोपियां, अवंतीपुरा और सोपोर में पथराव की 10 घटनाओं की सूचना मिली। दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले में सुबह से शुरू हुई झड़प की घटनाएं लगभग दिन भर चलीं। 

पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि शोपियां में भीड़ ने हमला करके मिनी सचिवालय में आग लगा दी, हालांकि इमारत को आंशिक तौर पर ही नुकसान हुआ है। अधिकारी ने बताया कि जिले के पंजूरा गांव में पुलिस ने लोगों को रैली निकालने से मना किया, जिसके बाद झड़प की घटनाएं शुरू हो गईं। इन घटनाओं में 100 से अधिक लोग घायल हुए। पुलिस ने बताया कि प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज का सहारा लिया गया और आंसू गैस के गोले छोड़े गए। 

पुलवामा जिले के तराल इलाके से झड़प की सूचनाएं मिलीं, जहां पथराव करने वालों के खिलाफ सुरक्षा बलों की कार्रवाई में 60 से अधिक लोग घायल हो गए। प्रदर्शनकारियों ने तराल से सत्तारूढ़ पीडीपी के विधायक मुश्ताक अहमद शाह के घर पर भी हमला किया और उनके घर का शीशा तोड़ दिया, हालांकि इस हमले में कोई घायल नहीं हुआ।

कश्मीर घाटी में पिछले 58 दिन से जारी तनाव, हिंसा व बंद के मद्देनजर कर्फ्यू व प्रतिबंध के बीच आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। यहां हिंसा व उपद्रव की शुरुआत 8 जुलाई को हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकवादी बुरहान वानी के सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारे जाने के बाद 9 जुलाई से हुई। हिंसा में अब तक 74 लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें 71 नागरिक और तीन स्थानीय पुलिसकर्मी हैं।

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