ग्वालियर: मध्यप्रदेश के ग्वालियर के एक यूनिवर्सिटी कैंपस योग शिविर लगा जहां सैंकड़ों लोग योग साधना करने आए लेकिन जिस ढंग से उन्हें योग करवाया जा रहा था उसे देखकर हर कोई हैरान रह गया। यहां फिल्म गानों की धुन पर डांस कराया गया और पानी की बौछारों की बीच रैन डांस भी हुआ। योग करवा रहे योग गुरू का कहना था कि ये डांस नहीं योग है जिससे सूर्य की उपासना हो रही है लेकिन इस योग की खबर शहर में फैली तो हड़कंप मच गया आरोप लगा कि डांस वाले योग से अश्लीलता फैलाई जा रही है।
रेन डांस,फिल्मी डांस और योग की 'खिचड़ी'
ये घटना मध्यप्रदेश के ग्वालियर के जीवाजी यूनिवर्सिटी की है। यहां योग शिविर लगा था जिसमें परिवार समेत सैंकड़ों लोग योग करने आए। शिविर में योग करने आए पुरुषों से शर्ट और बनियान उतरवाई गई और फिर फिल्मी गाने बजाकर डांस करने के लिए कहा गया। योग गुरू के मुताबिक ये डांस नहीं हुए सूर्य की उपासना है। खुले आसमान के नीचे ये लोग योग गुरू के कहने पर फिल्मी गाने पर डांस करके सूर्य की साधना में लग गए। डांस करते लोगों पर बीच बीच में पानी की बौछार भी की जा रही थी। खूले मैदान में पुरूष नाच रहे थे तो दूसरे पंडाल में भी इसी गाने पर बच्चे महिलाएं पुरुष सब एक साथ नाच रहे थे।

क्या है योग कराने वाले गुरू की हकीकत ?
इस योग का आयोजन परम आलय नाम के ये योग गुरू ने करवाया था। योगगुरु जींस और कुर्ता पहने थें और गोविंदा के गानों पर योग गुरू भी स्टेज पर खड़े होकर जमकर नाचे। लेकिन योग का ये अंदाज ग्वालियर में एबीवीपी के कार्यकर्ताओं को नागवार गुजरा। उन्होंने इसे फूहड़ता का नाम दिया और योग गुरु पर अश्लीलता फैलाने का आरोप मढ़ दिया।
कौन है योगगुरु परम आलय?
सूत्रों के मुताबिक के योग से पहले परम आलय इंदौर में साइकिल पर घूम-घूमकर नमकीन बेचा करते थे फिर एक फैक्ट्री स्थापित की। 6 साल पहले पूरा बिजनेस छोड़कर आध्यात्मिक गुरु बन गए और अब लोगों को मुफ्त में सूर्य मिलन साधना के गुर सिखाते है। परम आलय अभी तक 80 से ज्यादा योग शिविर आयोजित कर चुके हैं लेकिन ग्वालियर में उनके शिविर में जिस तरह की सूर्य साधना हुई वो विवादों में घिर गया। तस्वीरें सामने आने के बाद सवाल पूछे जा रहे हैं कि आखिर सूर्य की उपासना का ये कैसा तरीका लेकिन जवाब देने की बजाए परम आलय ने मीडिया से दूरी बना ली है।