पटना: लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) सुप्रीमो और केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने राजद के नेताओं रघुवंश प्रसाद सिंह, मो0 तस्लीमुद्दीन और प्रभुनाथ सिंह की मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ की गई टिप्पणी पर राजद प्रमुख लालू प्रसाद तथा नीतीश कुमार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग करते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश में सत्ताधारी महागठबंधन के घटक दलों (राजद एवं जदयू) के बीच जारी यह खींचतान इस बात का घोतक है कि यह सरकार ज्यादा दिनों तक नहीं चलने वाली है।
लोजपा के संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष चिराग पासवान के साथ रविवार को पटना स्थित पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित संवाददाता सम्मेलन के दौरान रामविलास ने राजद के नेताओं रघुवंश प्रसाद सिंह, मो0 तस्लीमुद्दीन और प्रभुनाथ सिंह के नीतीश कुमार के खिलाफ की गयी टिप्पणी पर लालू जी को यह स्पष्ट करना चाहिए उनके तीनों वरिष्ठ नेता उनकी सहमति या उनकी सहमति के बगैर ही इस तरह की टिप्पणी कर रहे हैं।
रामविलास ने बिहार में राजद नेताओं (राजबल्लभ यादव, बिंदी यादव और मो0 शहाबुद्दीन) के खिलाफ कार्रवाई किए जाने को लेकर लालू प्रसाद के अपने तीनों अन्य वरिष्ठ नेताओं के द्वारा नीतीश पर टिप्पणी दबाव बनाने तथा ब्लैकमेल करने के लिए करवाने का आरोप लगाते हुए कहा कि लालू जी की चुप्पी यह दर्शाती है कि इसमें उनकी मौन स्वीकृति है।
राजद विधायक राजबल्लभ यादव के खिलाफ कार्रवाई एक लड़की के साथ दुष्कर्म के मामले में, बिंदी यादव के खिलाफ कार्रवाई उनके पुत्र रॅाकी यादव के एक छात्र की गोली मारकर हत्या कर देने तथा सिवान जिला के पत्रकार राजदेव रंजन की हत्या के बाद मो0 शहाबुद्दीन को वहां की जेल से भागलपुर जेल स्थानांतरित कर दिया गया था।
रामविलास ने बिहार में कथित तौर पर गिरती और बिगड़ती कानून व्यवस्था के कारण यहां राष्ट्रपति शासन लगाए जाने की मांग को लेकर अपनी पार्टी संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष चिराग पासवान के केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से की गई मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा कि नीतीश जी को यह बतलाना चाहिए कि वे किस तरह का सुशासन बिहार में लाना चाहते हैं जबकि हत्या के एक मामले में सजा काट रहे राजद के एक नेता (मो0 शहाबुद्दीन) के पास नियम को ताक पर रखकर सिवान जेल में प्रदेश के एक मंत्री (अब्दुल गफूर) हाजरी लगाते हैं।
उन्होंने प्रदेश की राजधानी पटना में एक चिकित्सक को 50 लाख रुपए की रंगदारी की मांग को लेकर कारतूस रखा एक लिफाफा भेजे जाने का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि नीतीश के गृह जिला नालंदा में एक पत्रकार को उनकी पार्टी जदयू के एक विधान पार्षद द्वारा धमकी दिलवाई गई है। पासवान ने कहा कि जंगलराज के लिए चर्चित रहे राजद के साथ गठबंधन करने को लेकर बिहार विधानसभा चुनाव के पूर्व नीतीश कुमार मैं हूं ना का दम भरते थे और जदयू द्वारा बिहार में बहार है, नीतीशे कुमार है का नारा दिया गया था, ऐसे में सुशासन और कानून का राज होने के अपने डींग पर नीतीश को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।