नई दिल्ली: रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने विपक्ष के इस इल्जाम को खारिज कर दिया कि बुलेट ट्रेन को आम आदमी की कीमत पर अमीरों के लिए बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बुलेट ट्रेन सहित कोई भी हाई स्पीड ट्रेन सामान्य गति की आम आदमी की रेलगाडि़यों की गति को प्रभावित नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि बुलेट ट्रेन आने के साथ देश में अत्याधुनिक प्रौद्यागिकी आएगी, जो देश के विकास में बहुत बड़ा योगदान देगी। उन्होंने इस बात को भी गलत बताया कि जापान ने बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए कर्ज तो बहुत ही कम दर पर दिया है लेकिन कंसलटेंसी शुल्क, उपकरणों और अन्य मदों में वह भारत से बहुत बड़ी रकम वसूलेगा।
प्रभु ने कहा, जापान ने 0.। प्रतिशत की दर से कर्ज मुहैया कराया है जिसे 50 साल में चुकाया जाना है। इससे कम ब्याज दर वाला कर्ज और कहीं नहीं मिल सकता है।
अन्य मदों में भारत से भारी रकम वसूलने की आशंकाओं को भी गलत बताते हुए उन्होंने कहा, बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए जापान से केवल 13 प्रतिशत उपकरणों का आयात होगा। बाकी उपकरण और सामान मेक इन इंडिया के तहत भारत में ही बनेंगे। यह एक अभूतपूर्व समझौता है और इसके लिए मैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को धन्यवाद करता हूं जिन्होंने जापान के प्रधानमंत्री से व्यक्तिगत दोस्ती के चलते इसे संभव बनाया।लोकसभा में वर्ष 2016-2017 के लिए रेल की अनुदान की मांगों पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए उन्होंने यह कहा। उनके उत्तर के बाद सदन ने अनुदान मांगों को अपनी मंजूरी दे दी। प्रभु ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का धन्यवाद किया कि पहले पहल उन्होंने जापान से इस परियोजना को लेकर बात आगे बढ़ाई थी और व्यवहार्यता समझौता भी किया था। लेकिन संप्रग के जमाने में इसे व्यवहारिक नहीं पाया गया जबकि राजग सरकार ने इसे रेलवे के विकास के लिए जरूरी पाया और उस पर आगे बढ़ा गया।
इससे पहले चर्चा में हिस्सा लेते हुए सदन के कांग्रेस के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने टिप्पणी की थी कि कहीं मुफ्त की नाल के चक्कर में घोड़ा खरीदना बहुत मंहगा नहीं पड़ जाए। बुलेट ट्रेन की पहल संप्रग जमाने में होने के संदर्भ में उन्होंने कहा, जापान से मुहब्बत हमने की और शादी आप कर रहे हो। ऐसा मत करो। यह फायदे का सौदा नहीं होगा। इस पर संसदीय कार्य मंत्री एम वेंकैया नायडू ने चुटकी लेते हुए कहा, इन्हें परेशानी यह हो रही है कि मुहब्बत उन्होंने की और शादी हम कर रहे हैं।
प्रभु ने सदन को भरोसा दिलाया कि बुलेट ट्रेन और अन्य हाई स्पीड ट्रेनों के चलने से आम आदमी की साधारण ट्रेनों की गति प्रभावित नहीं होगी। उन्होंने कहा कि बुलेट ट्रेन के साथ आने वाली नई प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल से अन्य ट्रेनों की गति भी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि गति पकड़ने में जितनी भी बाधाएं हैं उन्हें दूर किया जाएगा और सभी श्रेणी की ट्रेनों की गति को बढ़ाया जाएगा।
बुलेट ट्रेन को भारतीय रेलवे के कायाकल्प की लंबी कूच की शुरूआत बताते हुए उन्होंने कहा नई प्रौद्योगिकी भारतीय रेलवे की शक्ल बदल देगी। उन्होंने कहा कि बुलेट ट्रेन का समझौता सिर्फ इस ट्रेन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उसके जरिए आने वाली नई प्रौद्योगिकी भारतीय रेलवे के पूरे नेटवेर्क को सुधारने में बड़ी मददगार साबित होगी। भारत ने मुंबई से अहमदाबाद तक बुलेट ट्रेन चलाने के लिए जापान से एक लाख करोड़ रुपयों का समझौता किया है।