नई दिल्ली: कुख्यात नक्सली कुंदन पाहन ने खुलासा किया है कि साल 2000 में नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्पकमल दहल प्रचंड के साथ उसने झुमरा पहाड़ पर हथियार चलाने की ट्रेनिंग ली थी। 15 लाख के इनामी नक्सली कमांडर कुंदन पाहन ने रविवार को झारखंड में पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया है। उस पर 128 से अधिक मामले दर्ज हैं। (ये भी पढ़ें: भारत बना विश्व का चौथा शक्तिशाली देश, ये है इसकी सबसे बड़ी ताकत....)
यह खुलासा इसलिए चौंकाने वाला है क्योंकि इससे पहले तक यही माना जाता था कि नेपाल के शीर्ष माओवादी चीन में ट्रेनिंग पाते हैं। इंटेलिजेंस से जुड़े एक उच्च अधिकारी ने कुंदन के दावे पर कहा कि वह जिस समय की बात कर रहा है, उसे देखते हुए दावे को खारिज नहीं किया जा सकता। 2006 में नेपाल की मुख्यधारा की राजनीति में आने से पहले प्रचंड नेपाल के बाहर माओवाद से जुड़े थे और भारत में रह रहे थे।
2000 के आसपास प्रचंड और उनकी टीम भारत में ही थी। दिल्ली, नोएडा और वाराणसी में उनके रहने की बात सामने भी आ चुकी है लेकिन झारखंड के जंगल में ट्रेनिंग की बात नई है। कुंदन पाहन तब मात्र 16 साल की उम्र में ट्रेनिंग पाकर खतरनाक नक्सल नेता बन गया और आज उस पर दो दर्जन से अधिक पुलिसवालों की हत्या के अलावा करोड़ों रुपये की बैंक डकैती के केस दर्ज हैं।
कभी संगठन के लिए झोला ढोने का काम शुरू करने के कुछ ही सालों के भीतर पाहन रीजनल कमेटी के सचिव के पद पर पहुंच गया। लेकिन उसने करीब चार साल पहले विवादों के कारण संगठन छोड़ दिया था। उसे अहसास हुआ कि संगठन में शीर्ष नेता तानाशाही रवैया अपनाते हैं। नीचे कैडर के लोगों का शोषण करते हैं। इसके बाद वो संगठन से अलग हो गया।
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