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एनआईए ने कश्मीर और दिल्ली में कई ठिकानों पर मारे छापे

 Edited By: India TV News Desk
 Published : Sep 06, 2017 12:06 pm IST,  Updated : Sep 06, 2017 12:06 pm IST

टेरर फंडिंग मामला में एनआईए ने आज सुबह श्रीनगर, कश्मीर और दिल्ली में विभिन्न हिस्सों में कारोबारियों के ठिकानों पर छापे मारे और संदिग्ध स्थानों पर व्यापक तलाशी अभियान चलाया।

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नई दिल्ली: टेरर फंडिंग को लेकर NIA ने दिल्ली से लेकर श्रीनगर तक रेड की। NIA ने श्रीनगर में ग्यारह जगहों पर छापेमारी की है जिसमें बेमीना, नवाटा, एचएमटी और डाउनटाउन सहित कई इलाके शामिल है। वहीं दिल्ली में पांच जगहों पर छापेमारी की गई है। छापेमारी की कार्रवाई सुबह आठ बजे शुरू हुई और अब भी जारी है। कश्मीर के कई अलगाववादी नेताओं और कारोबारियों पर टेरर फंडिंग के रैकेट में शामिल होने का आरोप लगा है। ये भी पढ़ें: राम रहीम की ‘हनी’ को मुंबई में लगी हथकड़ी? जानें क्या है हनीप्रीत की गिरफ्तारी का सच

अधिकारियों ने बताया कि एनआईए के अधिकारियों ने आज सुबह श्रीनगर और उत्तरी कश्मीर में विभिन्न हिस्सों में कारोबारियों के ठिकानों पर छापे मारे और संदिग्ध स्थानों पर व्यापक तलाशी अभियान चलाया। एनआईए अधिकारियों ने पुरानी दिल्ली में पांच व्यापारियों के ठिकानों पर भी छापे मारे। यह छापेमारी उस समय की गई जब एक दिन पहले एनआईए ने दो लोगों को गिरफ्तार किया जिनमें एक स्वतंत्र फोटो पत्रकार भी शामिल है जो पथराव करने और सोशल मीडिया के जरिए सुरक्षा बलों के खिलाफ समर्थन जुटाने में कथित तौर पर संलिप्त था।

एनआईए द्वारा की गई गिरफ्तारियां और छापेमारी 30 मई को दर्ज मामले की जांच का हिस्सा है जिसमें पाकिस्तान स्थित जमात-उद-दावा और प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा नेता हाफिज सईद बतौर आरोपी नामजद है। एनआईए ने कश्मीर घाटी में अशांति पैदा करने के लिए आतंकवाद और विध्वंसकारी गतिविधियों को कथित तौर पर वित्त पोषण देने के मामले में सात लोगों को गिरफ्तार किया है।

मामले में ऐसी गतिविधियों के वित्त पोषण के लिए हवाला समेत विभिन्न अवैध माध्यमों के जरिए धनराशि जुटाने और एकत्रित करने के मुद्दे भी शामिल हैं। इसमें पथराव करके, स्कूल जलाकर, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाकर और भारत के खिलाफ युद्ध छेड़कर घाटी में शांति भंग करने के मामले भी शामिल हैं। 90 के दशक की शुरुआत में जम्मू कश्मीर में आतंकवाद के फलने-फूलने के बाद से यह पहली बार है कि केंद्रीय जांच एजेंसी ने आतंकवादी और अलगाववादी संगठनों को वित्त पोषण मुहैया कराने के संबंध में छापे मारे है।

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