नई दिल्ली: देश के एक बड़े हिस्से में जारी भीषण गर्मी से लोगों को रविवार को भी कोई राहत नहीं मिली और हरियाणा के हिसार तथा राजस्थान के चुरू में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। मौसम विज्ञान विभाग ने कहा कि हिसार में पारा 47.5 डिग्री तक चढ़ गया जबकि चुरू का अधिकतम तापमान 47 डिग्री रहा। राष्ट्रीय राजधानी में अधिकतम तापमान 42.7 प्रतिशत दर्ज किया गया जो इस मौसम के औसत तापमान से तीन डिग्री ज्यादा है।
मौसम विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि सफदरजंग केंद्र के आंकड़ों के अनुसार अधिकतम तापमान 42.7 डिग्री रहा। सफदरजंग केंद्र के आंकड़ों को शहर के लिए आधिकारिक आंकड़ा माना जाता है। हालांकि पालम स्थित केंद्र में अधिकतम तापमान 45.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लोगों को राहत प्रदान करने वाले एक पूर्वानुमान में मौसम विभाग ने कहा है कि सोमवार शाम और रात में बारिश और आंधी आ सकती है।
उत्तर प्रदेश और ओडि़शा में कई स्थानों पर तापमान 45 डिग्री के आसपास रहने के कारण लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पंजाब में भी भीषण गर्मी का दौर जारी है और सबसे अधिक तापमान 41.5 डिग्री अमृतसर में रहा।
UP के अधिकांश मण्डलों में नीचे आया पारा
हिन्द महासागर में आए चक्रवाती तूफान की वजह से पिछले कई दिनों से चल रही तेज पुरवा हवा के कारण उत्तर प्रदेश में तपिश की प्रकोप कुछ कम हुआ है और पिछले 24 घंटे के दौरान ज्यादातर मण्डलों में अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया।
आंचलिक मौसम विज्ञान केन्द्र की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 24 घंटे के दौरान गोरखपुर, फैजाबाद, लखनऊ, बरेली, झांसी, वाराणसी तथा मुरादाबाद में अधिकतम तापमान में काफी गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा गोरखपुर, फैजाबाद, वाराणसी, कानपुर, लखनऊ तथा बरेली में भी यह सामान्य से कम रहा। इस अवधि में राज्य के कुछ पूर्वी हिस्सों में हल्की बारिश हुई, अथवा गरज-चमक के साथ छींटे पड़े।
पिछले 24 घंटे के दौरान झांसी राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां अधिकतम तापमान 45.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। हिन्द महासागर में आए चक्रवाती तूफान रोनू की वजह से प्रदेश में तापमान में तो कमी आई थी, लेकिन उमस भी काफी बढ़ गई थी। अब इसके कमजोर पड़ने से एक बार फिर सूखी गर्मी का दौर शुरू होने की सम्भावना जताई जा रही है। अगले 24 घंटे के दौरान राज्य के पूर्वी हिस्सों में कुछ स्थानों पर बारिश होने अथवा गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने का अनुमान है। सूबे के बाकी हिस्सों में मौसम आमतौर पर सूखा रहने की सम्भावना है।