1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. Video: नार्थ सिक्किम में दरका पहाड़, नदी बनी झील, ख़तरे में दो राज्य

Video: नार्थ सिक्किम में दरका पहाड़, नदी बनी झील, ख़तरे में दो राज्य

 Written By: India TV News Desk
 Published : Aug 14, 2016 06:59 pm IST,  Updated : Aug 14, 2016 06:59 pm IST

नार्थ सिक्किम में पहाड़ के दरकने से कनका नदी में कृतिम झील बन गई है। 150 फिट चौड़ी इस झील से सिक्किम के निचले इलाकों और उत्तरी बंगाल पर खतरा मंडराने लगा है।

Sikkim- India TV Hindi
Sikkim

नई दिल्ली: नार्थ सिक्किम में पहाड़ के दरकने से कनका नदी में कृतिम झील बन गई है। 150 फिट चौड़ी इस झील से सिक्किम के निचले इलाकों और उत्तरी बंगाल पर खतरा मंडराने लगा है। झील में पानी बढ़ता रहा तो इसकी दीवारें किसी भी वक्त टूट सकती हैं और लाखों क्यूसेक पानी निचले इलाकों में भारी तबाही ला सकता है। झील भयावह रूप ने ले इसके लिए उपाय किए जा रहे हैं। इस झील के विस्फोटक रूप को देखते हुए सिक्किम के साथ-साथ पश्चिम बंगाल तक बाढ़ का का खतरा पैदा हो गया है। सिक्किम में पहुंची एनडीआरएफ की टीम एक ऐसे प्लान पर काम कर रही है जिससे झील के पानी को सुरक्षित निकाला जा सके। एहतियात के तौर पर आसपास के इलाकों को भी खाली करवा दिया गया है।

पहाड़ों से लैंडस्लाइड की कई तस्वीरे आपने देखी होंगी, आपने बड़े पत्थरों को पहाड़ों से गिरते देखा होगा, लेकिन सिक्किम में एक पूरा पहाड़ ही टूटकर नीचे गिर रहा है। दरकते पहाड़ से पेड़, पत्थर, मलबा, मिट्टी सबकुछ तेजी से नीचे गिर रहा है। इस ज़बरदस्त लैंडस्लाइड की गूंज कई किलोमीटर दूर तक गूंज सुनाई दे रही हैं। पहाड़ गिरने के साथ ही कई किलोमीटर का जंगल पल भर में विशाल पत्थर, मिट्टी और पेड़-पौधे  के मलबे में तब्दील हो गया है।

दरअसल यह पहाड़ नॉर्थ सिक्किम के कनका नदी के पास का पहाड़ है। कई दिनों से हो रही तेज़ बारिश को ये पहाड़ झेल नहीं पाया, बरसात ने पहाड़ को इतना कमज़ोर कर दिया कि वो अपना ही बोझ संभाल नहीं पाया और दरकने लगा। जैसे-जैसे पहाड़ नीचे गिरना शुरू हु्आ वैसे वैसे नीचे बह रही कनका नदी में पहाड़ का मलबा जमा होना शुरू हो गया। अचानक गिरे मलबे से आसपास के इलाकों में गहरी धुंध छा गई है।

तलहटी में बसा मैंटम गांव मलबे से पट गया। पांच घर मिट्टी में दब गए। 300 मीटर की रोड और एक ब्रिज धराशाही हो गया। अचानक गिरे मलबे से कनका नदी ब्लॉक होने लगी और पहाड़ के पूरी तरह दरकने के बाद नदी में एक प्राकृतिक बांध बन गया। एक्सपर्टस का दावा है कि ये झील लाखों क्यूसेक पानी के दबाव को नहीं झेल पाएगी और कभी भी फट जाएगी। इसका मतलब हुआ कि झील के फटने की स्थिति में लाखों क्यूसेक पानी पूरी तेजी से निचले इलाकों की तरफ बढ़ेगा। आशंका जताई जा रही है कि इससे सिक्कम के निचले इलाकों समेत पश्चिम बंगाल तक में बाढ़ का खतरा बढ़ जाएगा। इससे कितना नुकसान होगा फिलहाल इसका अंदाजा लगाना मुश्किल है लेकिन माना जा रहा है कि इससे हजारों लोगों की ज़िंदगी मुश्किल में पड़ जाएगी।

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत