नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संयुक्त अरब अमिरात के दौरे से पूरे पाकिस्तान में खलबली मची है। पूरा पाकिस्तान पीएम इमरान खान को गालियां दे रहा है। पाकिस्तान समझ ही नहीं पा रहा है नरेन्द्र मोदी की डिप्लोमेसी को। जिस देश को पाकिस्तान अपना दोस्त मानकर बैठा था, असल में वो दोस्त भारत का निकला। पाकिस्तान के लोग ऐसा इसलिए बोल रहे हैं क्योंकि पिछले 8 महीनों में इमरान खान ने क्या-क्या नहीं किया। वो पीएम से ड्राइवर तक बन गए यह सोचकर कि कश्मीर पर तो साथ मिल ही जाएगा लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।
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इमरान खान ने जो सोचा नहीं था वो हो गया और कश्मीर पर भी यूएई के शहजादे मोदी के साथ खड़े दिखाई दिए। पूरे यूएई में इधर मोदी-मोदी हुआ और उधर पूरे पाकिस्तान में मातम पुर्सी शुरू हो गई। पाकिस्तानी यू ही नहीं रो रहे है। दरअसल इन्हें अफसोस तो इस बात का है कि इंग्लैंड और अमेरिका तक ने कश्मीर मुद्दे पर इतनी बेरूखी नहीं दिखाई जितनी की ओआईसी यानी की इस्लामिक सहयोग संगठन ने दिखा दी।
कश्मीर के मुद्दे पर कोई उनके साथ खड़ा नहीं हुआ और तो और सबसे जोर का झटका तो यूएई की तरफ से लगा जिसके शॉक से वो अभी तक ऊबर नहीं पा रहे हैं। कश्मीर के मुद्दे पर साथ तो मिला नहीं जले पर नमक और छिड़क दिया। यूएई ने पाकिस्तान के जानी दुश्मन मोदी को सबसे बड़े खिताब ऑर्डर ऑफ जायद से नवाजने का ऐलान कर दिया।
सम्मान पीएम मोदी को मिल रहा है लेकिन बेचैनी पूरे पाकिस्तान में हैं क्योंकि जिस ओआईसी पर पाकिस्तान गुमान करता था, जिसे सबसे बड़ी ताकत समझता था, मोदी ने अपनी कूटनीति की ताकत से पाकिस्तान को उनसे बहुत दूर कर दिया। पाकिस्तान को कूटनीति से चौतरफा घेरने की तैयारी है और यही वजह है कि पाकिस्तान को मुस्लिम देशों से मोदी की यारी बहुत ज्यादा खटक रही है।