नई दिल्ली: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि वाहन तोड़ने की नीति से केंद्र तथा राज्यों को संयुक्त रूप से 14 हजार करोड़ रुपये का लाभ होगा। साथ ही वाहन उद्योग में 22 प्रतिशत की वृद्धि होगी। गडकरी ने कहा कि प्रस्तावित स्वैच्छिक वाहन बेड़ा आधुनिकीकरण कार्यक्रम का मकसद पहले चरण में 15 साल पुराने भारी वाहनों को तोड़ना है। इसके मसौदे को जल्दी ही मंत्रिमंडल के पास भेजा जाएगा।
आटोमोबाइल कंपोनेन्ट मैनुफैक्चरर्स एसोसिएशन आफ इंडिया की सालाना बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को 4,000 करोड़ रुपये तथा राज्य सरकारों को 10,000 करोड़ रुपये का लाभ होगा। उन्होंने कहा कि इससे वाहन उद्योग की वृद्धि 22 प्रतिशत होगी।
गडकरी ने कहा कि इस नीति से ट्रकों और बसों जैसे भारी वाहनों से होने वाले प्रदूषण में 65 प्रतिशत की कमी आएगी। इन वाहनों को कांडला जैसे औद्योगिक संकुलों में रद्दी में बदला जाएगा जिसका गठन सरकार की महत्वकांक्षी सागरमाल परियोजना के तहत किया जाएगा।
गडकरी ने यह भी कहा कि उन्होंने वित्त मंत्री अरूण जेटली से भी मुलाकात की और उसके अनुसार नीति को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसे इस रूप में तैयार किया जाएगा जिससे वाहन सौंपने वालों को कुछ वित्तीय राहत मिलेगी। नई खरीद के मौके पर विनिर्माता कुछ छूट देंगे, भारत सरकार की ओर से भी कुछ राहत मिलेगी वहीं तोड़े गए वाहन (कबाड़) का भी मूल्य होगा।