नई दिल्ली: असम में भाजपा के क्षेत्रीय दलों के साथ गठबंधन करके बड़ी चुनावी सफलता हासिल करने के बाद केंद्रीय मंत्री एम वेंकैया नायडू ने रविवार को संकेत दिया कि पार्टी भविष्य में जिन राज्यों में अपने दम पर चुनाव नहीं जीत सकती, वहां गठजोड़ बनाने पर काम करेगी। नायडू से जब पूछा गया कि पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव से क्या हासिल हुआ है तो उन्होंने कहा, जहां संभावना हो, वहां आपको गठबंधन बनाने चाहिए, मुद्दे चिह्नित करने चाहिए और उसके अनुसार रणनीति बनानी चाहिए।
उसी समय उन्होंने इस धारणा को खारिज कर दिया कि कांग्रेस इसलिए असम में चुनाव हार गई क्योंकि उसने गठबंधन नहीं किया। नायडू ने कहा कि केवल गठबंधन बनाने से सकारात्मक परिणाम नहीं निकलते और सरकारों का कामकाज तथा नेतृत्व भी मायने रखता है। केंद्रीय मंत्री ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी चुटकी ली जिन्होंने कहा था कि कांग्रेस असम में इसलिए हार गई क्योंकि अकेले दम पर चुनाव लड़ी।
उन्होंने असम के नतीजों को नरेंद्र मोदी के विकास के एजेंडा का समर्थन बताते हुए कहा कि पुडुचेरी को छोड़कर पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और असम में विधानसभा चुनावों का संदेश यह है कि कांग्रेस हाशिए पर जा रही है और भाजपा संपूर्ण भारत की पार्टी बन रही है। एक साक्षात्कार में नायडू ने असम में जीत के मद्देनजर पार्टी में कट्टर तत्वों के मजबूत होने की संभावना को खारिज कर दिया जहां भाजपा ने बांग्लादेशी मुसलमानों की घुसपैठ को बड़ा चुनावी मुद्दा बनाया था।
नायडू ने कहा, लोगों के दिमाग में यह संदेह है कि विरोधियों के सिमटने के बाद वे (कट्टरपंथी) और समस्या पैदा करेंगे। इस पर मेरा जवाब है। यह आशंका क्यों है? इसे किसने एकजुट किया। कांग्रेस पार्टी ने मुस्लिम लीग को सहारा दिया। उसने इसे विश्वसनीयता दी। केरल विधानसभा में वह मुस्लिम लीग के साथ गठबंधन जारी रख रही है। कम्युनिस्टों का भी मुस्लिम लीग से गठजोड़ था।
उन्होंने कहा, सरकार का क्या रुख है। अनावश्यक मकसद से आरोप लगाए जा रहे हैं और अटकलें पैदा की जा रहीं हैं। दुष्प्रचार किया जा रहा है। नायडू ने कहा, पिछले दो साल में हमने क्या किया है जो आप कट्टरता की बात कर रहे हैं। कुछ लोग हमें भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि हमारे विकास कार्यों का हिस्सा बनें। हम व्यस्त हैं। हमारे पास अन्य चीजों के लिए कोई समय नहीं है। हम विकास पर बिना ध्यान बंटे काम करेंगे। हमारी प्राथमिकता में विकास और सुशासन हैं।
जब केंद्रीय मंत्री से पूछा गया कि क्या वह नीतीश कुमार की इस दलील को मानते हैं कि असम में कांग्रेस इसलिए हार गई क्योंकि उसने गठबंधन नहीं बनाया तो नायडू ने कहा कि केरल और पश्चिम बंगाल में गठबंधन होने के बावजूद कांग्रेस हार गई। उन्होंने कहा, यह कामकाज का भी प्रश्न है। असम और केरल दोनों जगह कांग्रेस का कार्य प्रदर्शन खराब रहा। यह भ्रष्टाचार में लिप्त रही और वादे पूरे नहीं कर सकी। बंगाल में कांग्रेस और कम्युनिस्ट एक साथ आये लेकिन कुछ नहीं हुआ।
नायडू ने कहा, केवल आपका गठबंधन नहीं, आपका कामकाज, मुद्दों पर आपका रख, आपके प्रयास, आपका नेतृत्व, आपकी छवि, ये सारी चीजें मायने रखेंगी।
भाजपा असम में पहली बार जीती है जहां तरुण गोगोई के नेतृत्व में पिछले डेढ़ दशक से कांग्रेस की सरकार थी। केरल में भी वाम दलों ने कांग्रेस नीत गठबंधन को सत्ता से बेदखल कर दिया, वहीं पश्चिम बंगाल मंे कांग्रेस-माकपा गठबंधन तथा तमिलनाडु में कांग्रेस-द्रमुक गठजोड़ को नाक रगड़नी पड़ी।