नई दिल्ली: बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान मोरा ने दस्तक दे दी है, यह तूफान अगले 12 घंटों में भयावह रूप धारण कर सकता है। भारत के पूर्वोत्तरी राज्यों में भी मोरा तबाही मचा सकता है। मौसम वैज्ञानिकों ने अगले 24 घंटों में पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश और तूफान की आशंका जताई है। इस दौरान मछुआरों को समंदर से दूर रहने की चेतावनी जारी कर दी गई है। स्काइमेट वेदर के मुताबिक, मोरा तेजी से नॉर्थ ईस्ट की ओर बढ़ रहा है और 30 मई को चटगांव के पास बांग्लादेश तट को पार कर जाएगा। बताया जा रहा है कि इसकी वजह से पूर्वोत्तर के राज्यों में भारी बारिश हो सकती है। ये भी पढ़ें: इस ब्लड ग्रुप के लोग हैं एलियंस, कहीं आप भी तो उनमें से एक नहीं
चक्रवाती तूफान 'मोरा' 12 किलोमीटर की रफ्तार की तेज हवाओं के साथ सोमवार को उत्तर पूर्व की ओर बढ़ चला है। इसी वजह से झारखंड, बिहार और ओडि़सा का तापमान गिरा है और आंधी तूफान के साथ झारखंड-बिहार में बारिश भी हो रही है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अभी दोनों राज्यों में दो से तीन दिनों तक ऐसी ही स्थिति रहेगी।
मोरा के प्रभाव से ओडिशा, बंगाल, त्रिपुरा और मिजोरम में बारिश हो रही है, साथ ही आने वाने दो तीन दिनों तक रुक रुक बारिश होने की संभावना व्यक्त की गयी है। मंगलवार और बुधवार को असम, मेघालय, मणिपुर, नगालैंड और अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश का अनुमान है।
अंडमान द्वीप समूह में 40 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और समुद्र मे समुद्र में ऊंची लहरें उठने की आशंका जतायी गयी है और इसे देखते हुए अगले दो दिन तक मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गयी है।
जानकारी के लिए बता दें कि मोरा एक चक्रवाती तूफान है। इस समय इसकी गति 125 किलोमीटर प्रति घंटे की है, जिसकी रफ्तार बढ़ भी सकती है। इस चक्रवाती तूफान की वजह से मानसून केरल से पहले पूर्वोत्तर भारत में दस्तक देगा।
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