नयी दिल्ली: रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने भारत की पहले परमाणु बम इस्तेमाल नहीं करने की नीति पर हैरानी जताते हुए कहा कि हम यह क्यों नहीं कहते कि भारत इसका गैर जिम्मेदार तरीके से इस्तेमाल नहीं करेगा। हलांकि यह पर्रिकर की व्यक्तिगत टिप्पणी है।
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एक सवाल के जवाब में उन्होंने इस बात पर हैरानी जताई कि भारत यह क्यों कहता है कि हम परमाणु बम का पहले इस्तेमाल नहीं करेंगे। हम कहना चाहिए कि भारत परमाणु एक जिम्मेदार परमाणु शक्ति है और इसका गैर जिम्मेदारी से इस्तेमाल नहीं करेंगे। पर्रिकर ने कहा कि यह उनकी व्यक्तिगत सोच है।
साल 1998 में परमाणु परीक्षण के बाद भारत ने पहले इस्तेमाल नहीं की परमाणु नीति घोषित की थी। मीडिया को आड़े हाथ लेते हुए उन्होंने कहा कि वे लोग प्रकाशित करेंगे कि परमाणु नीति बदल गई है।
उन्होंने कहा, ' यह सरकार में नहीं बदला है। यह मेरी धारणा है। व्यक्ति के तौर पर भी मैं महसूस करता हूं। मैं नहीं कह रहा कि आप इसे पहले इस्तेमाल करें।' उन्होंने कहा कि सर्जिकल स्ट्राइक से पहले पाकिस्तान के रक्षा मंत्री परमाणु हथियारों के संभावित इस्तेमाल की बात कर भारत को धमकी दिया करते थे। अब सर्जिकल स्ट्राइक होने के बाद से कोई धमकी नहीं आई है। उन्होंने महसूस किया कि हम कुछ चीज कर सकते हैं जो बखूबी नहीं बताया गया है।