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यात्रियों के लिए डराने वाली खबर! बिना सेफ्टी सर्टिफिकेट के महीने भर उड़ता रहा एयर इंडिया का विमान, मचा बवाल

 Published : Dec 02, 2025 08:04 pm IST,  Updated : Dec 02, 2025 09:08 pm IST

जानकारी के मुताबिक A320 जैसे कई एयरक्राफ्ट ने नवंबर महीने में बिना वैलिड रिव्यू सर्टिफिकेट के उड़ान भरी। यह किसी भी विमानन कंपनी के सेफ्टी और सिक्योरिटी नॉर्म्स का उल्लंघन माना जाता है।

Air India- India TV Hindi
एयर इंडिया Image Source : PTI

नई दिल्ली: ऐसा लगता है कि एयर इंडिया विमानन कंपनी ने अहमदाबाद में हुए भीषण विमान हादसे से कोई सबक नहीं लिया है। क्योंकि नवंबर महीने में एयर इंडिया की कई उड़ानें बिना वैलिड रिव्यू सर्टिफिकेट के संचालित हुईं। यह जानकारी एयर इंडिया के इंटरनल मॉनिटरिंग सिस्टम से सामने आई। इसकी रिपोर्ट डीजीसीए को दी गई है।

सेफ्टी और सिक्योरिटी नॉर्म्स का उल्लंघन 

जानकारी के मुताबिक A320 जैसे कई एयरक्राफ्ट ने नवंबर महीने में बिना  वैलिड रिव्यू सर्टिफिकेट के उड़ान भरी। यह किसी भी विमानन कंपनी के सेफ्टी और सिक्योरिटी नॉर्म्स का उल्लंघन माना जाता है। एयरवर्थनेस रिव्यू सर्टिफिकेट कमर्शियल एयरक्राफ्ट ऑपरेशन के लिए ज़रूरी है ताकि यह वेरिफाई किया जा सके कि प्लेन सिक्योरिटी और मेंटेनेंस की सभी ज़रूरतों को पूरा करता है या नहीं। 

एयरवर्थनेस रिव्यू सर्टिफिकेट क्या है?

बता दें कि कमर्शियल विमानों की उड़ानें संचालित करने के लिए एयरवर्थनेस रिव्यू सर्टिफिकेट प्राप्त करना एक जरूरी प्रक्रिया है। इससे इस बात की पुष्टि होती है कि विमान लगातार इस्तेमाल के लिए सभी सेफ्टी और मेंटनेंस की जरूरतों को पूरा करता है या नहीं। यह सर्टिफिकेट एक साल के लिए वैध होता है। इस सर्टिफिकेट को विमान की कंडीशन और रिकॉर्ड्स की पूरी समीक्षा के बाद जारी किया जाता है। DGCA नियमों के मुताबिक इसे हर साल रिन्यू किया जाना चाहिए।

एयर इंडिया ने इस बात की पुष्टि की है कि उसने डीजीसीए को इस चूक के बारे में बताया है और सेफ्टी स्टैंडर्ड के प्रति अपने कमिटमेंट पर जोर दिया है। विमानन कंपनी ने कहा कि गड़बड़ी का पता अंदरुनी तौर पर चला और जवाबदेही तय करने के लिए जांच शुरू कर दी गई है।

26 नए विमान बेड़े में होंगे शामिल 

बता दें कि एयर इंडिया ग्रुप 2026 के अंत तक अपने बेड़े में 26 नए विमानों को शामिल करेगा और उसकी 81 प्रतिशत अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का परिचालन उन्नत विमानों से करने की योजना है। एयर इंडिया के सीईओ एवं प्रबंध निदेशक कैंपबेल विल्सन ने हाल ही में मीडिया के साथ अपने औपचारिक संवाद में कहा कि अगले वर्ष कुल उड़ान क्षमता लगभग स्थिर रहेगी, क्योंकि नए विमानों के आने के साथ पट्टे पर लिए गए कुछ विमान लौटाए भी जाएंगे और कई विमान रेट्रोफिट (उन्नयन) कार्यक्रम में होंगे।

एयर इंडिया को 570-विमानों के अपने विशाल ऑर्डर का पहला बोइंग-787-9 इस महीने मिलेगा और यह जनवरी से सर्विस में आ जाएगा। उन्होंने कहा कि 2026 में एयर इंडिया के पास कम संख्या में बोइंग 777 होंगे, क्योंकि कुछ पट्टे वाले विमान वापस किए जा रहे हैं और तीन पुराने विमान हटाए जाएंगे। एयर इंडिया के पास फिलहाल करीब 300 विमान हैं। इनमें 187 विमान एयर इंडिया के हैं जबकि 110 से अधिक विमान एयर इंडिया एक्सप्रेस के हैं। विल्सन ने बताया कि 2026 में चौड़े आकार वाले विमान सबसे ज्यादा दिखाई देंगे। 

 

 

 

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