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PM मोदी के जन्मदिन पर ‘रक्तदान अमृत महोत्सव’ शुरू, स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने किया ब्लड डोनेट

 Edited By: Pankaj Yadav
 Published : Sep 17, 2022 05:20 pm IST,  Updated : Sep 17, 2022 05:20 pm IST

PM नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर आज से भारत समेत दुनिया के अलग अलग हिस्सों में 15 दिन का रक्तदान अमृत महोत्सव शुरू हो गया है।

Health Minister Mansukh Mandaviya donated blood- India TV Hindi
Health Minister Mansukh Mandaviya donated blood

Highlights

  • देशभर में 5,857 शिविरों को बल्ड कलेक्ट करने की मिली अनुमति
  • 5,58,959 लोगों ने ब्लड डोनेट करने के लिए रेजिस्ट्रेशन कराया
  • इस अभियान के तहत 4000 लोगों ने ब्लड भी डोनेट किया है

PM मोदी के जन्मदिन के मौके पर शनिवार को 15 दिवसीय रक्तदान अभियान शुरू हुआ। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री सफदरजंग अस्पताल में बने एक शिविर में मनसुख मांडविया ने ब्लड डोनेट किया। केंद्रीय मंत्री ने लोगों से ‘रक्तदान अमृत महोत्सव’ के तौर पर रक्तदान करने के लिए आरोग्य सेतु ऐप या ई-रक्तकोष पोर्टल पर पंजीकरण कराने का अनुरोध किया। यह महोत्सव एक अक्टूबर-राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस तक मनाया जाएगा। ‘रक्तदान अमृत महोत्सव’ के लिए पूरे देशभर में 5,857 शिविरों को बल्ड कलेक्ट करने की अनुमति दी गई है। वहीं अब तक 5,58,959 लोगों ने ब्लड डोनेट करने के लिए रेजिस्ट्रेशन कराया है और 4000 लोगों ने ब्लड भी डोनेट किया है। 

Blood Donating App
Image Source : INDIATVBlood Donating App

मांडविया ने स्वैच्छिक रक्तदान के महत्व पर जोर दिया

मांडविया ने कहा, ‘‘रक्तदान एक महान काम है और हमारी समृद्ध संस्कृति तथा सेवा और सहयोग की परंपरा को देखते हुए मैं, सभी नागरिकों से आगे आने तथा देशभर में विशाल स्वैच्छिक रक्तदान अभियान - रक्तदान अमृत महोत्सव के तौर पर रक्त दान करने की अपील करता हूं। रक्तदान से न केवल राष्ट्रीय आवश्यकता पूरी होती है बल्कि यह समाज एवं मानवता के प्रति एक बड़ी सेवा भी है।’’ उन्होंने स्वैच्छिक रक्तदान के महत्व पर जोर देते हुए कहा, ‘‘रक्तदान अमृत महोसत्व, आजादी का अमृत महोत्सव के जश्न समारोहों का हिस्सा है।’’ मांडविया ने कहा कि भारत में 2021 के आंकड़ों के मुताबिक सालाना करीब 1.5 करोड़ यूनिट रक्त की आवश्यकता होती है। हर दो सेकंड में भारत में एक मरीज को रक्त की आवश्यकता होती है और प्रत्येक तीन में से एक व्यक्ति को अपने जीवन में कभी न कभी रक्त की आवश्यकता पड़ती है। 

प्रौद्योगिकी तरक्की के बावजूद रक्त का कोई विकल्प नहीं

मांडविया ने कहा ‘‘प्रौद्योगिकी तरक्की के बावजूद रक्त का कोई विकल्प नहीं है और एक यूनिट रक्त तीन जिंदगियां बचा सकता है।’’ उन्होंने शिविर में दानदाताओं से मुलाकात की और उनके प्रयासों की सराहना की। रक्तदान को लेकर भ्रांति दूर करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘एक व्यक्ति के शरीर में पांच से छह लीटर खून होता है और वह हर 90 दिन में रक्तदान कर सकता है।’’ 

अभियान का मकसद- एक लाख यूनिट ब्लड कलेक्ट करना

एक आधिकारिक सूत्र के अनुसार, इस अभियान का मकसद एक दिन में एक लाख यूनिट रक्त एकत्रित करना है। इसके अलावा लोगों को नियमित रक्तदान करने के प्रति जागरूक किया जाएगा। रक्त की एक यूनिट का मतलब 350 मिलीलीटर रक्त होता है। केंद्र, राज्य तथा केंद्रशासित प्रदेशों के सभी मंत्रालय और विभाग, गैर-सरकारी तथा सामुदायिक संगठन और अन्य पक्षकार इस अभियान में हिस्सा लेंगे। मांडविया ने इस मौके पर स्वास्थ्य देखभाल की ओर सफदरजंग अस्पताल के योगदान का उल्लेख करने वाली किताब ‘फुटप्रिंट्स ऑफ द सैंड्स ऑफ टाइम’ का भी विमोचन किया।

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