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'एडवोकेट' ममता को देखने बड़ी संख्या में उमड़े वकील, सुप्रीम कोर्ट में दिखा असामान्य नजारा

 Published : Feb 04, 2026 10:08 pm IST,  Updated : Feb 04, 2026 10:08 pm IST

सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश के अदालत कक्ष में बुधवार को उस समय वकील और वादी उमड़ पड़े जब पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी शीर्ष अदालत की बेंच के सामने अपनी दलीलें रख रही थीं।

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सीएम ममता बनर्जी Image Source : PTI

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आज वकील बनकर खुद सुप्रीम कोर्ट पहुंच गईं। SIR के खिलाफ पिटीशन की सुनवाई के दौरान ममता ने खुद जिरह की। देश के इतिहास में ये पहला मौक़ा था जब किसी राज्य की मुख्यमंत्री सुप्रीम कोर्ट के सामने अपना पक्ष रखने पहुंचीं हो। कोर्ट में वकील और वादी उमड़ पड़े जब सीएम ममता शीर्ष अदालत की बेंच के सामने अपनी दलीलें रख रही थीं।

दरअसल, ममता ने SIR के संबंध में दायर एक मामले में बुधवार को ऐसा किया। पारंपरिक सफेद साड़ी और काले दुपट्टे में पश्चिम बंगाल की सीएम सुबह करीब 10 बजे तृणमूल कांग्रेस के सांसद एवं वरिष्ठ अधिवक्ता कल्याण बनर्जी समेत अपने अन्य वकीलों के साथ सुप्रीम कोर्ट के प्रवेश द्वार पर पहुंचीं। सीएम ने शीर्ष अदालत के परिसर में प्रवेश करने के लिए सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री से प्रवेश पास के लिए आवेदन किया था और उन्हें यह पास मिल गया था।

वकील की तरह कोर्ट में उतरीं ममता

सीएम ममता के अदालत परिसर में प्रवेश करते ही, वहां मौजूद मीडियाकर्मियों ने खुशी-खुशी उनकी तस्वीरें खींचनी शुरू कर दीं और अपने मोबाइल फोन से वीडियो बनाने लगे। एलीवेटर पर कदम रखते समय, तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख बनर्जी ने मीडियाकर्मियों के इस सवाल का जवाब नहीं दिया कि क्या वह स्वयं दलीलें पेश करेंगी।

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Image Source : PTIसुप्रीम कोर्ट पहुंचीं ममता बनर्जी।

लगभग 10 बजकर पांच मिनट पर बनर्जी अपने वकीलों के साथ चीफ जस्टिस के न्यायालय में दाखिल हुईं और दर्शकों के लिए लगी एक कुर्सी पर बैठ गईं। दोपहर 12 बजकर 55 मिनट पर जब चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली बेंच ने उनकी याचिका पर सुनवाई शुरू की, तो उन्हें वकीलों के लिए आरक्षित पहली पंक्ति में देखा गया।

जब CM ममता ने चीफ जस्टिस से मांगी बोलने की परमिशन

पहले सीएम की तरफ से सीनियर एडवोकेट श्याम दीवान ने तृणमूल कांग्रेस और ममता बनर्जी का पक्ष रखा। इसी दौरान, ममता बनर्जी खड़ी हुईं। उन्होंने चीफ जस्टिस से बोलने की परमीशन मांगी। चीफ जस्टिस ने पहले कहा कि ममता की तरफ से श्याम दीवान और कपिल सिब्बल जैसे सीनियर वकील मौजूद हैं, ऐसे में उन्हें बोलने की क्या जरूरत है। इस पर ममता ने कहा कि आज इंसाफ दरवाजे के पीछे खड़ा रो रहा है, इसीलिए वो देश की सबसे बड़ी अदालत के सामने गुहार लगाने आई हैं। उनको 10 मिनट बोलने की परमिशन दी जाए। चीफ जस्टिस ने इजाजत दे दी। इसके बाद ममता ने कहा कि चुनाव आयोग बंगाल में मनमानी कर रहा है, वोटर लिस्ट के रिवीज़न के नाम पर सिर्फ वोट काटे जा रहे हैं। नामों की स्पेलिंग में अंतर होने के कारण नोटिस भेजे जा रहे हैं।

9 फरवरी को भी कोर्ट में मौजूद रहेंगीं ममता

ममता ने कहा कि वो अपनी पार्टी के लिए नहीं लड़ रही हैं। वो सुप्रीम कोर्ट इसलिए आई हैं क्योंकि वो बंगाल की मुख्यमंत्री हैं और बंगाल की जनता के अधिकारों की रक्षा करना, उनकी जिम्मेदारी है। कोर्ट ने इस मामले में चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 9 फरवरी को होगी। खबर है कि ममता 9 फरवरी को भी सुप्रीम कोर्ट में मौजूद रहेंगीं।

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