भारतीय सेना ने पाकिस्तान में स्थित 9 आतंकवादी ठिकानों पर मिसाइल से हमला किया है। इस हमले में 30 आतंकवादियों के मारे जाने की सूचना मिली है। बता दें कि इस हमले को भारत की तीनों सेनाओं यानी थल सेना, वायु सेना और नेवी ने मिलकर अंजाम दिया है। यह हमला पाकिस्तान के बहावलपुर के मुरीदके में किया गया है। ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी है कि आखिर मुरीदके में ऐसा खास क्या है जिसकी वजह से भारतीय सेना ने वहां पर मिसाइलों से हमला किया, जिसमें 30 आतंकवादी मारे गए।
क्या है मुरीदके, जहां भारतीय सेना ने किया हमला
दरअसल पाकिस्तान के मुरीदके में लश्कर ए तैयबा का हेडक्वार्टर है, जिसे मरकज-ए-तैयबा भी कहा जाता है। यह लाहौर के पास जीटी रोड के पूर्वी किनारे पर, नंगल सदाय में स्थित है, जो मुरीदके से लगभग 5 किमी दूर उत्तर में स्थित है। बता दें कि इस कैंप को लश्कर ए तैयबा द्वारा साल 1988 में स्थापित किया गया था। यह 200 एकड़ में फैला हुआ एक क्षेत्र है, जिसमें एक मदरसा, अस्पताल, बाजार, आवास, एक मछली फार्म और कृषि क्षेत्र शामिल है, जिसका इस्तेमाल आतंकवादियों द्वारा किया जाता है। वहीं इस पूरे समूह का नेतृत्व हाफिज मुहम्मद सईद करता है जो कि एक आतंकवादी है। बता दें कि
क्या है इसका उद्देश्य?
मुरीदके में हेडक्वार्टर स्थापित करने के पीछे लश्कर ए तैयबा का मकसद आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देना और भारत में आतंकी हमले कराना साथ ही कश्मीर के मुद्दे को भारत से अलग करना है। साथ ही इस हेडक्वार्टर को बनाने के पीछे का उद्देश्य आतंकवादियों को तैयार करना, ट्रेनिंग देना और दुनियाभर में उनसे आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम दिलवाना है। बता दें कि भारतीय सेना ने जैश ए मोहम्मद और लश्कर ए तैयबा के ठिकानों पर हमला किया है, जिसमें अबतक 30 लोगों के मारे जान की खबर सामने आ चुकी है। ऐसे में ये आंकड़े अभी और ज्यादा बढ़ सकते हैं।