Iran Warns US: पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका -इजरायल के बीच भीषण जंग जारी है। वहीं अब ईरान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कड़ी वार्निंग दी है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मुजतबा खामेनेई के सैन्य सलाहकार मोहसेन रजाई ने कहा है कि अमेरिका के पास खुद को इस "दलदल" से निकालने के लिए समय बहुत कम बचा है। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका ने ईरान के बुनियादी ढांचे पर अटैक किया तो अब जवाबी कार्रवाई "आंख के बदले आंख" नहीं, बल्कि "आंख के बदले सिर" की तर्ज पर होगी। रेज़ाई की चेतावनी ट्रंप के उस ऐलान के एक दिन बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि US अगले 5 दिनों के लिए ईरान के एनर्जी स्ट्राइक और पावर प्लांट पर अपने हमले रोक देगा।
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अमेरिका के पास ज्यादा समय नहीं बचा
IRNA के साथ एक टेलीविज़न इंटरव्यू में, अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई के मिलिट्री एडवाइजर ने चेतावनी दी कि US के पास "अपने दलदल से खुद को बचाने" के लिए ज़्यादा समय नहीं बचा है। उन्होंने कहा, "अगर आप हमारे इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला करते हैं, तो यह आंख के बदले आंख नहीं होगा, यह आंख के बदले सिर होगा; आप अपाहिज हो जाएंगे।" ईरान के टॉप लीडर ने आगे वॉशिंगटन को चेतावनी दी कि तेहरान "आपको पैरालाइज़ कर देगा और खाड़ी में डुबो देगा।"
ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे ट्रंप
उन्होंने ट्रंप के उस फैसले पर भी तंज कसा जिसमें अमेरिका ने अगले 5 दिनों के लिए ईरान के ऊर्जा संयंत्रों पर हमले रोकने का ऐलान किया है। रजाई ने इसे ट्रंप की "मनोवैज्ञानिक युद्धनीति" करार देते हुए कहा कि ऐसी विरोधाभासी हरकतों से ईरान का ध्यान युद्ध के मोर्चे से नहीं भटकेगा।
अमेरिका से मुआवज़े की मांग
IRNA को दिए अपने बयान में, रेज़ेई ने चल रहे संघर्ष के बीच हुए नुकसान के लिए यूनाइटेड स्टेट्स से मुआवज़े की भी मांग की। उन्होंने कहा, "युद्ध तब तक जारी रहेगा जब तक नुकसान का पूरा मुआवज़ा नहीं मिल जाता, सभी इकोनॉमिक बैन हटा नहीं लिए जाते, और यूनाइटेड स्टेट्स से ईरानी मामलों में दखल न देने की गारंटी नहीं मिल जाती। यह हमारे देश, हमारे लीडर और हमारी आर्म्ड फोर्सेज़ का फ़ैसला है।"
ईरान ने रखीं तीन बड़ी शर्तें
- युद्ध में हुए नुकसान का पूरा मुआवजा दिया जाए।
- ईरान पर लगे सभी आर्थिक प्रतिबंध तुरंत हटाए जाएं।
- भविष्य में ईरान के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करने की गारंटी दी जाए।
शांति दूत बनने की कोशिश में पड़ोसी मुल्क
वहीं मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच पाकिस्तान ने शांति दूत की भूमिका निभाने की पेशकश की है। पाक पीएम शहबाज शरीफ ने सोशल मीडिया एक्स पर अमेरिका और ईरान को इस्लामाबाद में वार्ता के लिए आमंत्रित किया है। इससे पहले कल डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि उनकी ईरानी नेतृत्व से "सकारात्मक बातचीत" हुई है, लेकिन तेहरान ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। ईरान ने ट्रंप के दावों को "फेक न्यूज" बताते हुए कहा कि यह केवल बाजार को प्रभावित करने की एक चाल है।