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Rajat Sharma's Blog | अमित शाह ने कैसे SIR पर राहुल के आरोपों की हवा निकाली

 Written By: Rajat Sharma
 Published : Nov 03, 2026 12:04 pm IST,  Updated : Nov 03, 2026 12:09 pm IST

गृह मंत्री अमित शाह ने हैदराबाद में तिरंगा यात्रा निकालकर साफ संदेश दिया कि SIR की प्रक्रिया किसी भी कीमत पर नहीं रुकेगी। उन्होंने कहा कि एक-एक घुसपैठिए को देश से निकाला जाएगा।

इंडिया टीवी के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ रजत शर्मा।- India TV Hindi
इंडिया टीवी के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ रजत शर्मा। Image Source : INDIA TV

गृह मंत्री अमित शाह ने साफ कहा है कि SIR किसी कीमत पर नहीं रुकेगा, एक-एक घुसपैठिए को देश से निकाला जाएगा, राहुल गांधी और विपक्ष के दूसरे नेता घुसपैठियों के वोट से सत्ता हासिल करने का ख्वाब देख रहे हैं, इसलिए SIR को लेकर शोर मचाया जा रहा है। अमित शाह कल हैदराबाद में तिरंगा लेकर सड़कों पर उतरे, तेलंगाना में कांग्रेस की सरकार है। अमित शाह चाहते तो बड़े आराम से किसी भी BJP शासित प्रदेश में रैली निकाल सकते थे, इसलिए अमित शाह का पहला संदेश तो ये है कि उनकी राजनीति convenience यानी सहूलियत वाली  राजनीति नहीं है। दूसरी बात, अमित शाह ने राहुल गांधी पर सीधे वार किए। रामलीला मैदान में राहुल गांधी ने दो मुख्य सवाल उठाए थे। एक, ज्ञानेश कुमार ने 13 करोड़ वोटर्स के नाम काटे। इसकी वजह से मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री बने। दूसरी बात, BJP SIR पर जवाब नहीं देती। अमित शाह ने इन दोनों बातों की हवा निकाल दी। 

पहली बात तो ये बताई कि 2024 में जब नरेंद्र मोदी तीसरी बार प्रधानमंत्री बने, उस वक्त ज्ञानेश कुमार CEC नहीं बने थे। अमित शाह ने गिना दिया कि 13 करोड़ वोटर्स में से तीन करोड़ वो हैं जिनकी मौत हो चुकी है, डेढ़ करोड़ duplicates हैं और तीन करोड़ घुसपैठिए हैं, जिनके नाम कटे। जहां तक SIR से जुड़े सवालों के जवाब हैं, अमित शाह ने चुनौती दी कि विपक्ष संसद में आकर बहस करे, सरकार हर सवाल का जवाब देगी। लोकतंत्र में सवाल-जवाब का सही फोरम संसद है, लेकिन कांग्रेस जब तीन-तीन बार मोदी को चुनाव में नहीं हरा पाई तो उसने सड़क का रास्ता चुना। अब BJP ने इसी का जवाब पदयात्रा और मार्च करके दिया। 

BJP ने देश भर में मार्च निकाले, तो कांग्रेस इस बात पर गदगद् है कि उसने चुनाव आयोग पर शोर मचाया तो BJP के बड़े नेताओं को सड़क पर उतरना पड़ा। कांग्रेस के नेता इस बात पर भी इतरा रहे हैं कि सोशल मीडिया पर रामलीला मैदान की reels खूब चलीं, लेकिन वो ये नहीं समझ पाए कि कांग्रेस ने सारी पार्टियों को इकट्ठा करके आराम से बैठी हुई BJP को जगा दिया। BJP के जो कार्यकर्ता घर में बैठे थे, उन्हें सड़क पर उतार दिया। ये ऊर्जा BJP के काम आएगी। जनता की नब्ज़ को समझना और उसपर कैसे react करना, इस मामले में नरेंद्र मोदी का कोई जवाब नहीं। फिलहाल, तीन-चार महीने तक देश में कोई चुनाव नहीं है। BJP की work force चुनाव के मौके पर सक्रिय होती है, लेकिन मोदी ने पार्टी के बड़े-बड़े नेताओं को अभी से मैदान में उतार दिया है। किसी भी और पार्टी के पास न तो इस तरह का लीडर है, न इस तरह का cadre। इसका सबसे बड़ा उदाहरण आजकल उत्तर प्रदेश में देखने को मिल रहा है। 

अब ये भी बताना पड़ेगा राम कहां पैदा हुए थे? 

समाजवादी पार्टी के कई नेता ऐसे बयान दे रहे हैं जो यूपी में बीजेपी के हिंदुओं को जोड़ने के कैम्पेन को फायदा पहुंचा रहा है। सपा के पूर्व सांसद S.T. हसन ने कल कह दिया कि बीजेपी बार-बार अयोध्या का जिक्र करती है, लेकिन राम अयोध्या में ही वहीं पैदा हुए थे, जहां राम मंदिर बना है, इसका कोई सटीक प्रमाण ही नहीं है, इसलिए BJP को अयोध्या के नाम पर राजनीति बंद करनी चाहिए। इस पर बजरंग दल के अध्यक्ष रोहन सक्सेना ने कहा कि एस. टी.  हसन ने करोड़ों रामभक्तों की आस्था को चोट पहुंचाई है, वह अपने बयान के लिए माफी मांगे वरना बजरंग दल के कार्यकर्ता उनका मुंह काला करके उन्हें मुरादाबाद में घुमाएंगे, क्योंकि हिंदू समाज ऐसी बदज़ुबानी को बरदाश्त नहीं करेगा। बजरंग दल के नेता को अपनी भाषा पर नियंत्रण रखना चाहिए था, इस तरह की धमकी देने की जरूरत नहीं थी। राजनीतिक बयान का जवाब राजनीतिक तरीके से दिया जा सकता है।

क्या ब्राह्मण मंत्र पढ़ते समय गालियां देते हैं?

समाजवादी पार्टी के एक अन्य नेता शिवशंकर यादव एस.टी. हसन से दो कदम आगे निकल गए। शिवशंकर यादव ने कहा कि शादियों और तेरहवीं की रस्म के समय पंडित जो मंत्र पढ़ते हैं, वो गाली जैसे हैं, लोग पंडितों से गालियां सुनते हैं, फिर पैर छूकर दक्षिणा भी देते हैं, ये सब बंद होना चाहिए। शिवशंकर यादव मिर्जापुर में समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष रह चुके हैं। यूपी के ब्राह्मण समाज ने इस बयान का विरोध किया। सपा नेता का पुतला फूंका गया। शिवशंकर यादव ने लचर सफाई दी। पहले कहा, ये नकली AI वीडियो है, फिर कहा ये वीडियो पुराना है, कब का है, उन्हें याद नहीं। दावा किया कि वो ब्राह्मणों का सम्मान करते हैं, उनसे कथा करवाते हैं। शिवशंकर यादव ने अपने वीडियो को 15 साल पुराना बताकर बचने की कोशिश की, लेकिन उन्हें ये याद नहीं रहा कि वीडियो में वो PDA का जिक्र कर रहे हैं और PDA का नारा अखिलेश यादव ने 2024 में दिया था। मतलब वीडियो पुराना नहीं है। इस तरह एक और सपा नेता ने BJP को एक अच्छा खासा मुद्दा दे दिया।

देखें: ‘आज की बात, रजत शर्मा के साथ’ 2 नवंबर, 2026 का पूरा एपिसोड

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