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Rajat Sharma's Blog | राहुल के बयान: झूठ के पांव नहीं होते, शर्टलेस को बब्बर शेर नहीं कहते

 Published : Feb 25, 2026 03:41 pm IST,  Updated : Feb 25, 2026 03:41 pm IST

कांग्रेस के नेता पूछ रहे हैं कि जब उदय भानु चिब घटनास्थल पर मौजूद ही नहीं थे तो उन्हें गिरफ्तार क्यों किया गया? दिल्ली पुलिस ने उदय भानु चिब की गिरफ्तारी की जो वजहें बताई हैं, उसमें उन्हें मुख्य साज़िशकर्ता माना गया है।

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इंडिया टीवी के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ रजत शर्मा। Image Source : INDIA TV

राहुल गांधी की कांग्रेस को एक ज़ोर का झटका, धीरे से लगा। इंडिया AI इंपैक्ट समिट में शर्टलेस प्रोटेस्ट करने के आरोप में दिल्ली पुलिस ने भारतीय युवा कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानु चिब को 15 घंटे तक चली पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया। बाद में कोर्ट ने चिब को 4 दिन की पुलिस रिमांड में भेज दिया। शर्टलेस प्रदर्शन को लेकर ये आठवीं गिरफ्तारी है। दिल्ली पुलिस का कहना है, उदय भानु चिब ही मास्टरमाइंड है जिसने इंडिया AI इंपैक्ट समिट में प्रदर्शन की साज़िश रची और वहां हंगामा करने वाले युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए लॉजिस्टिक्स का इंतज़ाम किया।

कांग्रेस के नेता पूछ रहे हैं कि जब उदय भानु चिब घटनास्थल पर मौजूद ही नहीं थे तो उन्हें गिरफ्तार क्यों किया गया? दिल्ली पुलिस ने उदय भानु चिब की गिरफ्तारी की जो वजहें बताई हैं, उसमें उन्हें मुख्य साज़िशकर्ता माना गया है। पुलिस का कहना है कि भारत मंडपम में AI समिट के दौरान जो हंगामा हुआ, उसके मुख्य षड़यंत्रकारी उदय भानु चिब ही थे, उनके कहने पर ही देशविरोधी नारे लगाए गए। पुलिस के मुताबिक, उदय भानु चिब ने अपने कार्यकर्ताओं से भारत मंडपम में दंगे जैसी स्थिति बनाने को कहा था। पुलिस का कहना है कि चूंकि इस घटना से कई राज्यों के कांग्रेस कार्यकर्ता जुड़े हैं, नेटवर्क बड़ा है, इसलिए इस केस की जांच दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है।

उदय भानु चिब के गिरफ्तार होते ही राहुल गांधी ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध करना कांग्रेस के खून में है, उन्हें युवा कांग्रेस के अपने बब्बर शेर साथियों पर गर्व है, जिन्होंने प्रधानमंत्री के खिलाफ बिना डरे देश के हित में आवाज़ उठाई। भोपाल में आयोजित किसान महापंचायत में  राहुल गांधी ने कहा कि सरकार कितनी भी कोशिश कर ले, कांग्रेस कार्यकर्ता डरेंगे नहीं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि छह दशक के अपने सियासी सफर में उन्होंने ऐसा कभी नहीं देखा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ इतनी सख्त कार्रवाई की जा रही हो। बीजेपी राहुल गांधी को भस्मासुर बता रही है। बीजेपी प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा कि राहुल की मोहब्बत की दुकान में अब सिर्फ बेशर्मी का सामान है।

बीजेपी ने इस पर भी एतराज़ जताया कि राहुल गांधी ने प्रोटेस्ट करने वालों की तुलना महात्मा गांधी और भगत सिंह से क्यों की। भोपाल में आयोजित किसान चौपाल में राहुल गांधी ने भारत-अमेरिका व्पापार डील का मसला उठाया। राहुल ने कहा, देश के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है जब नेता प्रतिपक्ष को सदन में बोलने नहीं दिया गया। राहुल ने कहा कि वह चीन की घुसपैठ और एपस्टीन फाइल्स पर संसद में बोलना चाहते थे लेकिन उन्हें बोलने नहीं दिया गया। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि अमेरिका से व्यापार डील करने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने कैबिनेट और कृषि मंत्री से बात नहीं की और सीधे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के साथ फोन पर डील पर मुहर लगा दी।

राहुल गांधी ने कहा कि अमेरिका को भारत का डेटा बेच दिया गया है, इस डील ने भारत के कपड़ा उद्योग को खत्म कर दिया है, इस डील में जो भी तय हुआ है वो किसानों की आमदनी को खत्म कर देगा। भारत मंडपम में शर्टलेस प्रोटेस्ट और अमेरिका के साथ व्यापार डील को लेकर राहल गांधी के आरोपों पर मैं कुछ बातें रहना चाहता हूं। ये आश्चर्य की बात है की युवा कांग्रेस की जिस हरकत पर कांग्रेस को शर्मिंदगी होनी चाहिए थी, राहुल गांधी उसे बहादुरी बता रहे हैं। सवाल प्रोटेस्ट पर नहीं है। सवाल ये है कि कांग्रेस ने प्रोटेस्ट  के लिए गलत जगह क्यों चुनी? AI पर अन्तरराष्ट्रीय समिट के venue के अंदर जाकर प्रोटेस्ट क्यों किया?

प्रश्न ये नहीं कि सरकार का विरोध किया। प्रश्न ये है कि AI Summit में बहन बेटियों के सामने कपड़े उतारकर युवा कांग्रेस के नेता क्या साबित करना चाहते थे? अगर राहुल इसे युवाओं का प्रोटेस्ट बता रहे हैं, तो क्या उन्होंने ये नहीं देखा कि वहां मौजूद भारतीय युवाओं ने ही कांग्रेस के नेताओं को रोका और वहां से खदेड़ा। जहां तक केस बना कर गिरफ्तार करने का सवाल है, अगर पुलिस ये न करती, तो युवा कांग्रेस के यही नेता कहते, 'मोदी हमसे डर गया'। चोरी और सीनाजोरी दोनों एक साथ नहीं चल सकती। अब बात मोदी पर राहुल के आरोपों की। राहुल गांधी पांच बार से सांसद हैं, पर उनके शब्द एक ज़िद्दी बच्चे वाले क्यों होते हैं?

राहुल गांधी प्रतिपक्ष के नेता हैं लेकिन वो एक नौसिखिए नेता की तरह क्यों बोलते हैं? बिना सबूत के प्रधानमंत्री को compromised कहना कैसे न्यायसंगत हो सकता है? इस बात का क्या सबूत है कि मोदी ट्रंप के आगे झुके? इस बात का क्या प्रमाण है कि भारत अमेरिका के दबाव में आया? जो डील हुई नहीं, उसको लेकर आरोप लगाने का क्या मतलब? लोकतंत्र में सवाल उठाने और आरोप लगाने का हक़ सब को है लेकिन जब आप एक ज़िम्मेदार पद पर हों, तो आरोप लगाने के लिए कोई औचित्य, कोई प्रमाण होना चाहिए। राहुल गांधी ने पहले जब जब इस तरह के आरोप लगाए हैं, न वो अदालतों में टिके, न जनता की अदालत में। कहावत है, झूठ के पांव नहीं होते। इसीलिए वो ज्यादा देर नहीं टिकता। (रजत शर्मा)

देखें: ‘आज की बात, रजत शर्मा के साथ’ 24 फरवरी, 2026 का पूरा एपिसोड

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