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लाल किले से भी बड़ा धमाका करने वाले थे आतंकी, मुजम्मिल ने कबूलनामे में उगल दिया सारा प्लान

 Reported By: Kumar Sonu Edited By: Vineet Kumar Singh
 Published : Nov 27, 2025 11:14 am IST,  Updated : Nov 27, 2025 11:18 am IST

लाल किला ब्लास्ट केस की जांच में पता चला कि जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा डॉक्टर उमर मोहम्मद देश में बड़ा आतंकी हमला करने की साजिश रच रहा था। मुजम्मिल के कबूलनामे में खुलासा हुआ कि उमर TATP जैसे विस्फोटक खुद टेस्ट करता था और 5 लोगों का पूरा मॉड्यूल बड़ा धमाका करने की तैयारी में था।

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दिल्ली में लाल किले के पास भीषण ब्लास्ट हुआ था। Image Source : PTI

नई दिल्ली: सुरक्षा एजेंसियों की जांच में लाल किला ब्लास्ट मामले में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जांच एजेंसियों की केस डायरी में दर्ज रिपोर्ट के मुताबिक, विस्फोटक बनाने में एसीटोन (जो नेल पॉलिश रिमूवर है) और पिसी हुई चीनी का इस्तेमाल किया गया था। फरीदाबाद से बरामद विस्फोटक और इस ब्लास्ट का मास्टरमाइंड कोई और नहीं बल्कि डॉक्टर उमर मोहम्मद था, जिसकी मौत हो चुकी है। जांच से पता चला है कि डॉक्टर उमर मोहम्मद जैश-ए-मोहम्मद का ट्रेंड आतंकी था। उसने देश में अब तक के सबसे बड़े आतंकी हमले की साजिश रची थी।

'डॉक्टर उमर को 9 से ज्यादा भाषाओं का ज्ञान था'

पकड़े गए आतंकी मुजम्मिल के कबूलनामे के अनुसार, डॉक्टर उमर खुद को 'आमिर' कहता था, जिसका मतलब 'राजकुमार', 'सेनापति' या 'शासक' होता है। मुजम्मिल ने बताया, 'वह खुद को एक शासक-एक राजकुमार मानता था जो हमेशा दीन की बातें करता था। खुद से ज्यादा काबिल पढ़ा-लिखा वो किसी को नहीं समझता था। डॉक्टर उमर को 9 से ज्यादा भाषाओं का ज्ञान था, जिसमें हिंदी, उर्दू, इंग्लिश, पर्सियन, अरबी, चाइनीज, फ्रेंच शामिल हैं। उमर एक शासक, एक लीडर, राजकुमार खुद को मानता था। उमर की नजर में डॉक्टर अदील एक खजांची था। वह इतना ज्यादा पढ़ा-लिखा और तेज दिमाग था कि वो एक साइंटिस्ट बन सकता था।'

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Image Source : PTIडॉक्टर उमर उन नबी।

'डॉक्टर उमर हम सब को कंट्रोल कर रखता था'

मुजम्मिल ने आगे बताया, 'डॉक्टर उमर हमेशा दीन की बात करता था, धर्म की बातें करता था। उसके अंदर लीडरशिप का हुनर था और वह हम सब को कंट्रोल कर रखता था। उसकी बातें हम काट नहीं पाते थे, उसकी बातों में फैक्ट्स और रिसर्च होती थी। वो हमेशा खुद को EMIR कहता था और वह बहुत ज्यादा बातें नहीं करता था लेकिन हमेशा यह जरूर कहता था कि दीन का काम है। उसने मुझे, डॉक्टर अदील, डॉक्टर शाहीन और मुफ्ती इरफान को हमेशा यह कहा कि देश का माहौल खराब है, पोलोराइजेशन हो चुका है, जेनोसाइड हो सकता है, इसलिए हमें तैयार रहना चाहिए।'

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Image Source : PTIअल-फलाह यूनिवर्सिटी में आतंकियों ने तमाम साजिशें रची थीं।

'विस्फोटक बनाने के लिए टेस्टिंग खुद करता था'

जांच से यह भी पता चला कि जुलाई 2023 की मेवात के नूंह में हुई हिंसा और मार्च 2023 के नासिर-जुनैद भिवानी हत्याकांड ने डॉक्टर उमर मोहम्मद को इस खौफनाक साजिश के लिए प्रेरित किया। मुजम्मिल ने कबूल किया, 'जम्मू-कश्मीर में धारा 370 हटने के बाद से ही उसके दिल और दिमाग में जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों के लिए बहुत ज्यादा नफरत थी। फरीदाबाद में स्टोर कर रखा गया विस्फोटक लेकर हम सब को जम्मू-कश्मीर भी जाना था, उमर वहां कुछ बड़ा करने का सोच रहा था।' मुजम्मिल ने बताया कि उमर उनके साथ नुहु मेवात से यूरिया लेकर आता था और उससे विस्फोटक बनाने के लिए टेस्टिंग खुद अल फलाह यूनिवर्सिटी के अपने कमरा नंबर 4 में करता था।

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Image Source : PTIपुलिस की गिरफ्त में फरीदाबाद मॉड्यूल के आतंकी।

'हम 5 लोग मिलकर एक बड़ी साजिश रच रहे थे'

उमर के एक सूटकेस में उसके ढेर सारे राज कैद थे जिसे जब सुरक्षा एजेंसियों ने खोला तो उसमें बहुत सारे सबूत बरामद हुए हैं। साजिश में शामिल लोगों में मुजम्मिल, उमर, अदील, शाहीन और मुफ्ती इरफान थे। मुजम्मिल ने कहा, 'हम 5 लोग मिलकर एक बड़ी साजिश तैयार कर रहे थे। इस सबका हेड उमर ही था क्योंकि वो हम सब में सबसे तेज और बहुत ज्यादा एक्टिव था। हमने एक ग्रुप बनाया हुआ था जिसका एडमिन उमर था और ये ग्रुप उमर ने चाइनीज लैंग्वेज में बनाया था। उसमें सिर्फ चाइनीज लैंग्वेज में बात होती थी और ग्रुप का नाम भी चाइनीज भाषा में था। उमर ने महज 6 महीने में चीनी भाषा सीख ली थी और हम सब एक चाइनीज कोर ग्रुप में ही बात करते थे।'

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Image Source : REPORTER INPUTडॉक्टर मुजम्मिल और डॉक्टर शाहीन।

'मैं डॉक्टर शाहीन से प्यार करता था और...'

मुजम्मिल ने आगे खुलासा किया, 'उमर और अदील पहले एक-दूसरे को जानते थे क्योंकि अदील उमर का जूनियर था, जबकि मैं डॉक्टर शाहीन से प्यार करता था और मेरी मुलाकात डॉक्टर शाहीन से अल फलाह में ही हुई थी। उमर बाबरी मस्जिद की घटना से लेकर भारत और दूसरे मुल्कों में मुसलमानों पर हुए अत्याचार के किस्से-कहानी हमें सुनाता था और जम्मू-कश्मीर में भारतीय फोर्स सुरक्षा बलों की जम्मू-कश्मीर की जमूरियत को मदद नहीं करना चाहिए, यह बातें कहता था। वो हर मीटिंग में, ग्रुप चैट्स में खुद को EMIR कहता था और दीन की बातें भी करता था।'

'मेरी शाहीन से मुलाकात अल फलाह में हुई थी'

मुजम्मिल ने अपनी निजी जिंदगी के बारे में बताते हुए कहा, 'मेरी शाहीन से मुलाकात अल फलाह में हुई थी। वह मुझसे काफी बड़ी थी और उसकी सैलरी भी मुझसे ज्यादा थी और मैं उससे शादी करना चाहता था। मुजम्मिल ने 2023 में शादी की थी। डॉक्टर शाहीन सऊदी अरब में भी रह कर आई है, वहां भी वह असिस्टेंट प्रोफेसर थी। उसने आतंकी मॉड्यूल के लिए अपने बैंक खाते से करीब 25 लाख रुपए हम सब को दिए थे। मैं और उमर अफगानिस्तान या सीरिया में शिफ्ट होना चाहते थे। इसके पहले मैं, उमर और हमारा एक साथी टर्की गए थे जहां हमने काफी ट्रेनिंग ली और कुछ हैंडलर्स से मिले जिनके असल नाम हमको भी नहीं पता, एक कोड नेम बस जानते हैं हम उकासा था।'

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Image Source : PTIलाल रंग की ईकोस्पोर्ट कार्ट से फर्टिलाइजर लाए जाते थे।

'नूंह, मेवात से फर्टिलाइजर खरीदना शुरू किया था'

जम्मू-कश्मीर से फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल के कबूलनामे में मुजम्मिल ने बताया, '2023 में मैंने, उमर और अदील ने लाल रंग की इको स्पोर्ट्स कार से नूंह और मेवात से फर्टिलाइजर खरीदना शुरू कर दिया था। हम धीरे-धीरे कर अल फलाह में अपने-अपने रूम में और दूसरे ठिकानों पर ये स्टोर कर के रख रहे थे। क्योंकि हम डॉक्टर हैं इसलिए अल फलाह में डॉक्टरों के वाहनों की चेकिंग नहीं होती तो हम पर किसी का शक नहीं गया था।' उमर अपने कमरे में टेस्टिंग भी करता था। उसी दौरान हम TATP भी तैयार कर रहे थे और ACETONE भी हमारे पास था। उमर उस दौरान हैरिसन किताब अपने पास रखता था, उसे ये किताब याद थी। हमने विस्फोटक पूरी तरह से साल 2025 में तैयार कर लिया था।

'मुफ्ती इरफान के पकड़े जाने से प्लान फेल हुआ'

मुजम्मिल ने कहा, 'विस्फोटक की एक बड़ी खेप हम सुरक्षाबलों के खिलाफ इस्तेमाल के लिए जम्मू-कश्मीर ले जाने वाले थे, लेकिन प्लान फेल हो गया। 15 अक्टूबर के आसपास जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 3 लोगों को पकड़ लिया जिनमें एक प्रिंटिंग प्रेस वाला था और दो पोस्टर लगाने वाले लड़के थे। पूछताछ में लड़कों ने मुफ्ती इरफान का नाम लिया और 18 तारीख को वह पकड़ा गया। इसके साथ ही हमारे प्लान का पर्दाफाश हो गया क्योंकि मुफ्ती के मोबाइल फोन में भी हम सभी का एक ग्रुप बना हुआ था जिसके बाद फरीदाबाद से मेरी गिरफ्तारी हो जाती है। उमर के फ्लैट में एक डीपफ्रीजर था विस्फोटक के तापमान को कंट्रोल करने के लिए। उमर का सूटकेस बम बनाने के सामान से हमेशा लैस रहता था।'

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