राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कुछ दिनों पहले हुए ब्लास्ट ने पूरे देश को दहला कर रखा दिया था। लाल किले के पास कार में हुए इस ब्लास्ट में दर्जन भर से ज्यादा लोगों की मौत हुआ थी और दो दर्जन से ज्यादा लोग घायल भी हुए थे। सरकार ने इस घटना को आतंकी कृत्य करार दिया है। मामले की जांच करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है जिनमें से एक डॉ. मुजम्मिल भी है। फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल से जुड़े मुजम्मिल से पूछताछ और उसके ठिकानों से पुलिस को कई सबूत मिले हैं। अब जानकारी मिली है कि आतंकी मुजम्मिल के एक और ठिकाने का खुलासा हो गया है।
दिल्ली ब्लास्ट मामले में आतंकी मुजम्मिल के एक और ठिकाने का खुलासा हुआ है। फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल से जुड़े डॉ मुजम्मिल ने फरीदाबाद के खोरी जमालपुर गांव में भी एक घर किराए पर लिया हुआ था। मुजम्मिल ने खोरी जमालपुर गांव के पूर्व सरपंच से उसका घर कश्मीरी फलों का व्यापार करने के लिया था। NIA जब मुजम्मिल को लेकर पहुंची थी तो खोरी जमालपुर गांव के पूर्व सरपंच ने मुजम्मिल की पहचान भी की थी।
जानकारी के मुताबिक, मुजम्मिल खोरी जमालपुर गांव के घर में कई बार शाहीन (ब्लास्ट केस में गिरफ्तार अन्य डॉक्टर) के साथ आया था। आतंकी मुजम्मिल ने फतेहपुर तगा गांव में विस्फोटक छुपाने से पहले उस विस्फोटक को अल फलाह यूनिवर्सिटी के पास ही खेतों में बने कमरे में 12 दिन तक छुपाकर रखा था। खेत में बने कमरे तक मुजम्मिल अपनी गाड़ी से विस्फोटक लेकर पहुंचा था।
जानकारी के मुताबिक, खेत में बने कमरे में विस्फोटक रखने के लिए गिरफ्तार हुए इमाम इश्तियाक ने मुजम्मिल की मदद की थी। NIA से पूछताछ में पूर्व सरपंच जुम्मा ने बताया की उसकी मुलाकात मुजम्मिल से और उमर से अलफलाह यूनिवर्सिटी में बने अस्पताल में हुई थी।
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