1. Hindi News
  2. दिल्ली
  3. दिल्ली धमाके की जांच में सनसनीखेज खुलासा, उमर ने शू-बम से किया था धमाका

दिल्ली धमाके की जांच में सनसनीखेज खुलासा, उमर ने शू-बम से किया था धमाका

 Reported By: Abhay Parashar, Edited By: Amar Deep
 Published : Nov 18, 2025 11:34 am IST,  Updated : Nov 18, 2025 11:34 am IST

राजधानी दिल्ली में हुए धमाके की जांच अभी चल रही है, इस बीच जांच एजेंसियों ने सनसनीखेज खुलासा किया है। सूत्रों के मुताबिक डॉ उमर ने शू-बम से यह धमाका किया था।

उमर ने शू-बम से किया था धमाका।- India TV Hindi
उमर ने शू-बम से किया था धमाका। Image Source : REPORTER INPUT

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में लाल किले के सामने हुए धमाके की जांच जारी है। जांच के दौरान एक सनसनीखेज खुलासा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक डॉ. उमर ने शू-बम से यह धमाका किया था। जांच एजेंसियों को कार की ड्राइवर की सीट के नीचे जूता मिला है। जूते से एक धातु जैसा पदार्थ मिला है। वहीं टायर और जूते पर TATP विस्फोटक के निशान भी मिले। सूत्रों के मुताबिक उमर ने TATP विस्फोटक से हमले को अंजाम दिया था।

शू-बम से किया धमाका

दिल्ली ब्लास्ट की जांच में एक और सनसनीखेज खुलासा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक डॉक्टर उमर ने 'शू-बम' से दिल्ली में धमाका किया था। उमर ने जूतों के जरिए बम को एक्टिवेट किया था। सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसी को घटनास्थल से ऐसे सबूत मिले हैं, जिससे साबित होता है कि उमर ने शू बम का इस्तेमाल किया है। फॉरेंसिक जांच में विस्फोटक के ट्रेसेस कार की ड्राइविंग सीट के नीचे मिले जूते और टायर से बरामद हुए हैं। 

सीट के नीचे से मिला जूता

जांच कर रही टीम को कार की ड्राइविंग सीट के सीट से एक जूता मिला, जिसमें मेटल नुमा सबस्टेंस पाया गया है। अंदेशा है कि यही विस्फोट का मेन ट्रिगर है। इसी से ब्लास्ट को अंजाम दिया गया है। जांच एजेंसियों को इसके अलावा कार की पीछे की सीट के नीचे भी विस्फोटकों के सबूत मिले हैं। सूत्रों के मुताबिक आतंकियों ने बड़े धमाके की प्लानिंग के लिए भारी मात्रा में TATP इकट्ठा कर रखा था। हमले में अमोनियम नाइट्रेट के साथ TATP का मिश्रित इस्तेमाल किया गया है।

क्या होता है TATP?

बता दें कि TATP यानी ट्रायएसीटोन ट्राइपेरोक्साइड एक बेहद खतरनाक विस्फोटक है। आतंकी इसे 'मदर ऑफ शैतान' भी कहते हैं। थोड़ी सी गर्मी, घर्षण या स्पार्क करने से जोरदार धमाका करता है, इसलिए आतंकी या स्लीपर सेल इसे पसंद करते हैं। लंदन, पेरिस और मिडिल ईस्ट के कई हमलों से TATP इस्तेमाल हो चुका है। इसके धमाके की ताकत बहुत ज्यादा होती है और ब्लास्ट के बाद ज्यादा निशान नहीं छोड़ता, इसलिए जांच एजेंसियों को मुश्किल आती है। जैश जैसे टेरर ग्रुप इसे बड़े हमलों के लिए इस्तेमाल करते हैं।

यह भी पढ़ें-

जमानत पर पर छूटे थे RLD जिलाध्यक्ष के 4 भाई, समर्थकों ने किया स्टंट और आतिशबाजी; 15 गिरफ्तार, 8 वाहन सीज

शख्स ने चलती कैब में ड्राइवर पर किया हमला, कार पर चढ़कर किया हंगामा; VIDEO आया सामने

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। दिल्ली से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें।