कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा है कि अगर मंगलवार तक गिरफ्तार छात्र नहीं छोड़े गए तो सीजेपी दोबारा प्रदर्शन शुरू करेगी। उन्होंने बताया कि 25 जुलाई को सरकार की तरफ से आश्वासन दिया गया था कि प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी। हालांकि, अब प्रदर्शन में शामिल लोगों के खिलाफ एक्शन लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर मंगलवार तक लिखित समझौता नहीं आता है और देशभर में गिरफ्तार छात्रों को नहीं छोड़ा जाता है तो कॉकरोच जनता पार्टी अपना धरना दोबारा शुरू करने के लिए मजबूर होगी। प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज के खिलाफ एक याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार संविधान देता है और किसी आंदोलन का हवाला देकर ''पुलिस की ज्यादतियों'' या 'लाठीचार्ज' को उचित नहीं ठहराया जा सकता।
सौरव दास ने बताया कि राज्यसभा सांसद और देश के सबसे वरिष्ठ वकीलों में से एक कपिल सिब्बल भी उनके साथ हैं। कपिल सिब्बल ने एक लाख रुपये भी दिए हैं। इन पैसों का इस्तेमाल प्रदर्शनकारियों को कानूनी मदद दिलाने में किया जाएगा। कपिल सिब्बाल ने कहा, "हमलोग ने तय किया है, जहां-जहां इनके खिलाफ मामले होंगे वहां-वहां इनको लीगल हेल्प दूंगा। मैं अपनी ओर से एक करोड़ रुपया दूंगा, ताकि कानूनी लड़ाई लड़ी जा सकी। दूसरों से भी कहूंगा कि वे कंट्रीब्यूट करें। दिल्ली की पुलिस फेशियल रिकग्नाइजेशन के जरिये लोगों को टारगेट करेगी ऐसा लगता है। इसमें कम्युनल एंगल भी लाया जा सकता है। हम सब को ये तय करना है कि इनको टारगेट न किया जाए।"
प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामलों की सूची मांगी
सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा, "25 जुलाई को नड्डा जी और जितेंद्र सिंह जी और दिल्ली पुलिस कमिश्नर से जो बात हुई थी, उसमें उन्होंने कहा था कि हमें अबतक हुई एफआईआर की कॉपी देंगे, लेकिन ये हमें अब तक नहीं दिया गया है। हम चाहेंगे कि एपआईआर की कॉपी हमें जल्द से जल्द दी जाएं।" वहीं, सौरव दास ने कहा, "हम एक वेबसाइट बनाएंगे ताकि हम लोगों तक पहुंच सकें। हम रैपिड एक्शन फोर्स और दिल्ली पुलिस के खिलाफ एफआईआर करेंगे, जिनके साथ मारपीट हुई, उनसे कहेंगे कि वे वीडियो अपलोड करें। इस बात पर सहमती बनी थी किसी के प्रदर्शनकारी या आयोजक के खिलाफ कोई एफआईआर नहीं होगी। अगर कल तक लिखित समझौता नहीं आता है और देशभर में गिरफ्तार छात्रों को छोड़ा नहीं जाता तो सीजेपी अपना धरना दोबारा शुरू करने के लिए मजबूर होगी।"
'साक्षी' प्लेटफॉर्म के जरिए सबूत जुटाएंगे सीजेपी नेता
पुलिस की कथित ज्यादती के सबूत जुटाने के लिए 'साक्षी' प्लेटफॉर्म लॉन्च किया गया है। सीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि जिन पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शन के दौरान लड़कियों के साथ कथित तौर पर मारपीट और छेड़छाड़ की, उनके खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी। इसी मकसद से 'साक्षी' नाम का एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म शुरू किया गया है। सीजेपी ने लोगों से अपील की है कि जिनके पास प्रदर्शन के दौरान हुई कथित पुलिस कार्रवाई से जुड़े वीडियो, फोटो या अन्य सबूत हैं, वे उन्हें इस प्लेटफॉर्म पर अपलोड करें। सीजेपी का कहना है कि इन सबूतों के आधार पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर नहीं होगा एक्शन
सूत्रों के अनुसार सरकार का कहना है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी। अगर ऐसे किसी व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर हुई है तो उसे वापस लिया जाएगा। हालांकि, सरकार के अब तक के रवैये से ऐसे संकेत भी मिल रहे हैं कि प्रदर्शन के दौरान हिंसा करने वाले लोगों को छोड़ा नहीं जाएगा।
यह भी पढ़ें-
'छात्रों पर AK-47 चलाना और लाठीचार्ज करना गलत, हम इसके विरोध में ', NDA के सांसद का बड़ा बयान