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सुप्रीम कोर्ट ने डॉग लवर्स की याचिका की खारिज, सार्वजनिक जगहों से हटाए जाएंगे आवारा कुत्ते

 Reported By: Atul Bhatia, Edited By: Malaika Imam
 Published : May 19, 2026 10:54 am IST,  Updated : May 19, 2026 11:51 am IST

सुप्रीम कोर्ट ने डॉग लवर्स और NGOs द्वारा दायर उन सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया है, जिसमें कुत्तों को हटाने के निर्देश को वापस लेने की मांग की गई थी।

सुप्रीम कोर्ट- India TV Hindi
सुप्रीम कोर्ट Image Source : FILE (PTI)

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने सार्वजनिक संस्थानों के परिसरों से कुत्ते को हटाने के निर्देशों को वापस लेने की अर्जी खारिज कर दी है। सुप्रीम कोर्ट ने अपने पुराने आदेश में बदलाव की मांग खारिज की। शीर्ष अदालत ने डॉग लवर्स की याचिका को खारिज कर दिया है। इसका मतलब है कि स्कूल, कॉलेज, अस्पतालों, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक जगहों से कुत्तो को हटाने का सुप्रीम कोर्ट का आदेश बरकरार रहेगा।

कोर्ट ने कहा, "एनिमल वेलफेयर बोर्ड के SOP के खिलाफ सभी आवेदन हम खारिज कर रहे हैं।" सुप्रीम कोर्ट ने स्कूल, अस्पताल और रेलवे स्टेशन जैसे संस्थागत क्षेत्रों से सभी आवारा कुत्तों को हटाने के अपने 25 नवंबर के आदेश में संशोधन करने से इंकार कर दिया। आवारा कुत्तों को वापस ना छोड़ने का निर्देश भी जारी रहेगा। कोर्ट ने कहा, "राज्यों को एनिमल बर्थ कंट्रोल रूल्स का पालन करना चाहिए था। तब ऐसी स्थिति नहीं बनती।" कोर्ट ने कहा कि यह सार्वजनिक स्वास्थ्य, सुरक्षा और इकोलॉजिकल बैलेंस का मामला है।

"विदेशी पर्यटकों को भी कुत्तों ने काटा"

शीर्ष अदालत ने कहा, "डॉग बाइट की समस्या चिंता में डालने वाली है। राजस्थान के गंगानगर, सीकर, उदयपुर और भीलवाड़ा से हमें चौंकाने वाले आंकड़े मिले हैं। तमिलनाडु समेत दूसरे राज्यों से भी ऐसे ही आंकड़े सामने आए हैं। दिल्ली के IGI एयरपोर्ट में भी जनवरी से अब तक 31 डॉग बाइट की घटनाएं हुई हैं। विदेशी पर्यटकों को भी कुत्तों ने काटा है। देश भर में रैबीज से मौत की कई घटनाएं हुई हैं।

शीर्ष अदालत ने कहा, "ABC (Animal Birth Control) नियमों को सही तरीके से लागू करने में गंभीर लापरवाही हुई है, जिसकी वजह से समस्या बढ़ी। हमारे 7 नवंबर, 2025 आदेश का राज्यों ने सही पालन नहीं किया। आवारा कुत्तों के काटने की घटनाएं लगातार हो रही हैं।"

कोर्ट ने कहा, "राजस्थान के श्री गंगानगर में केवल एक महीने में 1084 लोगों को कुत्तों ने काटा। छोटे बच्चों को बहुत गंभीर चोटें आईं। तमिलनाडु में पिछले चार महीनों में लगभग 2 लाख डॉग बाइट के मामले दर्ज  किए गए।" सुप्रीम कोर्ट ने कहा, "हमें हवाई अड्डों, रिहायशी इलाकों, शहरी केंद्रों आदि में कुत्तों के काटने की घटनाओं से अवगत कराया गया है। देश के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों (IGI) पर बार-बार कुत्तों के काटने की घटनाएं होना ही गंभीर अक्षमता को दर्शाता है।"

निर्देशों का पालन नहीं किया गया तो...

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सूरत में एक जर्मन यात्री को कुत्ते ने काट लिया। ऐसी घटनाएं शहरी प्रशासन में जनता के विश्वास को बुरी तरह प्रभावित करती हैं। निर्देशों का पालन नहीं किया गया तो राज्यों के खिलाफ अवमानना कार्यवाही शुरू की जाएगी।

कोर्ट ने कहा, कर्मचारियों को उचित ट्रेनिंग दी जाए। एंटी रैबीज वैक्सीन उपलब्ध करवाई जाए। NHAI हाईवे से आवारा मवेशियों को हटाने के लिए कदम उठाए, गौशाला बनाई जाए, और इन्हें वहां भेजा जाए। साथ ही, कोर्ट ने ये भी कहा कि गंभीर रूप से बीमार और खतरनाक कुत्तों को मारने पर विचार हो

"जिन कुत्तों का इलाज संभव नहीं, उन्हें यूथेनेशिया दिया जाए"

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, "हमारे आदेशों के पालन में कदम उठा रहे अधिकारियों को उनका काम करने दिया जाए। उनके खिलाफ कोई अदालत अपरिहार्य स्थिति में ही सुनवाई करे। सभी हाई कोर्ट इन आदेशों का पालन सुनिश्चित करें। इनका पालन न कर रहे अधिकारियों पर अवमानना समेत ज़रूरी कार्रवाई करें।"

सुप्रीम कोर्ट ने कहा, "जिन शहरों या इलाकों में आवारा कुत्तों की समस्या ज्यादा बड़ी हो गई है, वहां एक्सपर्ट की मदद लेकर उस पर काबू पाया जाए। वो संक्रमित कुत्ते, जिनका इलाज संभव नहीं है और वो समाज के लिए खतरा हैं, उन्हें यूथेनेशिया दिया जाए।"

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