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Water Pollution:पानी के नाम पर हमें मिल रहा है जहर, पढ़े ये पूरी रिपोर्ट

 Published : Aug 06, 2022 01:41 pm IST,  Updated : Aug 07, 2022 10:34 am IST

Water Pollution: जल के बिना जीवन संभव नहीं है, एक कहावत है ना जल ही जीवन है। यानी धरती पर जीवन को संचालित करने के लिए जल अत्यंत आवश्यक है। दुनिया भर के वैज्ञानिक धरती के अलावा अन्य ग्रह पर जल ढूंढने की प्रयास में लगे हैं इसे आप समझ सकते हैं कि जल हमारे जीवन में कितना अधिक महत्व रखता है।

Water Pollution- India TV Hindi
Water Pollution Image Source : INDIA TV

Highlights

  • भूजल में आर्सेनिक की मात्रा 0.01 मिलीग्राम से अधिक पाया गया है
  • दूषित पानी पीन के वजह से 6 लोगों की मौत हो गई थी
  • ग्रामीण परिवारों में से 9.81 करोड़ घरों में पानी पहुंचा दिया गया है

Water Pollution: जल के बिना जीवन संभव नहीं है, एक कहावत है ना जल ही जीवन है। यानी धरती पर जीवन को संचालित करने के लिए जल अत्यंत आवश्यक है। दुनिया भर के वैज्ञानिक धरती के अलावा अन्य ग्रह पर जल ढूंढने की प्रयास में लगे हैं इसे आप समझ सकते हैं कि जल हमारे जीवन में कितना अधिक महत्व रखता है। आपने शहरों में देखा होगा कि कैसे पानी बंद डिब्बों में बेची जा रही है और शुद्ध जल पीने के लिए कई नए नए उपकरण लगाए जा रहे हैं। हम प्रतिदिन जो शुद्ध जल समझ कर पीते हैं क्या वो अब जहर बन चुका है। आज हम इस संबंध में विस्तार पूर्वक चर्चा करेंगे। 

रिपोर्ट क्या कहती है?

भारत सरकार द्वारा जारी किए गए एक रिपोर्ट के मुताबिक, वाले कुछ सालों में ग्राउंड वाटर यानी जो जमीन के नीचे पानी है वो पूरी तरह से जहरीला बन जाएगा। मुख्य तौर पर 80 फ़ीसदी जलों का प्रयोग हम चापाकल और मोटर (पानी) से करते हैं। रिपोर्ट के अनुसार अब धरती के भीतर जल में 80% आर्सेनिक और शीशा जैसे धातु अधिक पाए जा रहे हैं। ग्राउंड वाटर दिन पर दिन जहरीला बनते जा रहा है। यह इतने बारिक होते हैं जो हम खुली आंखों से नहीं देख पाते हैं लेकिन हमारे शरीर के लिए यह एक जहर के समान है। रिपोर्ट के मुताबिक, देश के 25 राज्यों के कुछ जगहों पर भूजल में आर्सेनिक की मात्रा 0.01 मिलीग्राम से अधिक पाया गया है। वही 28 राज्यों के 491 जिलों के कुछ भाग में भूजल में आयरन की मात्रा 1 मिलीग्राम प्रति लीटर से अधिक प्राप्त हुआ है जबकि 18 राज्यों के 152 जिलों में भूजल की स्थिति खराब हो गया है यहां पर 0.03 मिलीग्राम प्रति लीटर से ज्यादा यूरेनियम मिला। 16 राज्यों के 62 जिलों के कुछ इलाकों में कैडमियम की मात्रा 0.003 मिलीग्राम प्रति लीटर से ज्यादा पाया गया है। इसी रिपोर्ट में पाया गया कि गांव में शहरों के मुकाबले पानी अधिक जहरीली पाई गई है। हमारी देश की एक बड़ी आबादी गांव में रहती है और आज के समय में गांव के लोग जहरीली पानी पीने पर मजबुर है। हाल  के महीनों में ओडिशा खबर आई थी कि दूषित पानी पीन के वजह से 6 लोगों की मौत हो गई थी जबकि 17 लोगों की हालत खराब हो गई थी। हालांकि ये कोई नई बात नहीं है, देश में आए दिन इस तरह की घटनाएं प्रकाश में आती रहती है। 

सरकार क्या कर रही है?
केंद्र सरकार के तरफ से हर घर में स्वच्छ जल पहुंचाने के लिए जल जीवन मिशन योजना लागू की है। इस योजना को 2019 में शुरू किया गया था। सरकार ने दावा किया कि अबतक 19.15 करोड़ ग्रामीण परिवारों में से 9.81 करोड़ घरों में पानी पहुंचा दिया गया है। साथ ही साथ सरकार 2021 में अमृत 2.0 योजना की शुरूआत की है। इस योजना का लक्ष्य है कि अगले 2026 तक हर शहरों के घरों स्वच्छ पानी पहुंचा दिया जाएगा। 

जहरीली पानी पीने से कितना नुकसान 
आप प्रतिदिन पानी पी रहे हैं लेकिन इस जहरीली पानी पीने से आपको नुकसान हो रहा है। आप अगर शहरों में रहते होंगे तो बाल झड़ना, स्कीन प्रोब्लम, किडनी का खराब होना, कैंसर होना ये तमाम रोग सिर्फ दुषित पानी पीने के कारण हो रहा है। 

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