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पेट फूलना, एसिडिटी और कब्ज रहती है, युवाओं की ये आदतें आंतों को पहुंचा रही हैं नुकसान

 Written By: Bharti Singh @bhartinisheeth
 Published : Jun 03, 2026 08:24 am IST,  Updated : Jun 03, 2026 08:24 am IST

Bloating Acidity And Constipation Cause: क्या आपको गैस, एसिडिटी और पेट फूलने की समस्या रहती है तो इसका कारण ये आदतें हो सकती हैं। युवाओं की खराब लाइफस्टाइल आंतों को नुकसान पहुंचा रही हैं। जिससे पूरा स्वास्थ्य प्रभावित होता है।

कब्ज और एसिडिटी का कारण- India TV Hindi
कब्ज और एसिडिटी का कारण Image Source : INDIA TV

अगर आपको कम उम्र में ही पेट फूलना, एसिडिटी, कब्ज की समस्या रहती है तो इसका कारण पाचन से जुड़ा है। युवाओं में पाचन संबंधी समस्याएं उनकी खराब हो रही लाइफस्टाइल की वजह से बढ़ रही हैं। कई बार कुछ इंफेक्शन भी इसका कारण हो सकते हैं। लेकिन ज्यादातर लोगों में खराब आदतों के कारण इसका खतरा काफी बढ़ रहा है। आइये डॉक्टर से जानते हैं युवाओं को गैस, पेट फूलना, एसिडिटी और कब्ज की समस्या क्यों होती है?

कौन सी आदतें कब्ज और पेट फूलने की समस्या बढ़ाती हैं?

रात में देर से खाना- शारदा हॉस्पिटल के इंटरनल मेडिसिन डिपार्टमेंट के प्रोफेसर डॉ भुमेश त्यागी ने बताया कि आंतों के स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाली सबसे आम आदतों में से एक है देर रात खाना। सोने से ठीक पहले खाना शरीर की प्राकृतिक पाचन क्रिया को बाधित करता है, एसिड रिफ्लक्स का खतरा बढ़ाता है और नींद की क्वालिटी को भी खराब करता है। आंतों में एक सर्कैडियन क्लॉक होती है और अनियमित खान-पान पाचन, चयापचय और स्वस्थ आंतों के बैक्टीरिया को बाधित कर सकता है।

कैफीन ज्यादा लेना- कैफीन का अधिक सेवन एक भी हानिकारक होता है। लंबे समय तक काम करने, पढ़ाई का दबाव और नींद की कमी से निपटने के लिए कई युवा कॉफी, एनर्जी ड्रिंक या अन्य कैफीनयुक्त ड्रिंक का सेवन करते हैं। जबकि अधिक कैफीन पेट में ज्यादा एसिड बनाता है। इससे एसिडिटी बढ़ सकती है। इससे दस्त या आंतों में जलन भी हो सकती है। एनर्जी ड्रिंक में मौजूद चीनी और आर्टिफिशियल कम्पाउंड आंतों के माइक्रोबायोम को और भी बिगाड़ सकते हैं।

तनाव और खराब नींद- आंतों के स्वास्थ्य को प्रभावित करनी वाली एक और आदत है ज्यादा तनाव लेना और कम नींद आना। दिमाग आंत-मस्तिष्क अक्ष से जुड़ा है। लंबे समय तक तनाव आंत की गति को प्रभावित कर सकता है, संवेदनशीलता बढ़ा सकता है और चिड़चिड़ा आईबीएस जैसे लक्षण पैदा कर सकता है। नींद कम आने से पाचन, इम्यूनिटी और हार्मोनल संतुलन बढ़ता है।

बाहर का खाना- आपका खाना गट हेल्थ पर सीधा असर डालता है। अगर आप बहुत ज्यादा फास्ट फूड, पैकेटबंद स्नैक्स और मीठे ड्रिंक पीते हैं तो ये पेट के लिए हानिकारक हैं। इनमें फाइबर कम होता है और इस तरह की चीजें पाचन क्रिया को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकती हैं । फाइबर की कमी से कब्ज, सूजन और मेटाबॉलिज्म से संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।

एंटीबायोटिक दवाएं- जो लोग बिना सोचे समझे दवाएं खाते रहते हैं। उनकी गट हेल्थ प्रभावित होती है। खासतौर से बार-बार एंटीबायोटिक दवाओं का उपयोग, धूम्रपान, वेपिंग और शराब का सेवन शामिल हैं, ये सभी आंतों के फ्लोरा और पाचन स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं।

आंतों के स्वास्थ्य कैसे बनाएं

लाइफस्टाइल में बदलाव कर आंतों को स्वस्थ बनाया जा सकता है। इसके लिए बैलेंस डाइट, समय पर खाना, समय पर सोना, ज्यादा फाइबर लेना, पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, प्रोसेस्ड फूड से दूर रहना, नियमित व्यायाम, अच्छी नींद और स्ट्रेस मैनेजमेंट से आंतों का संतुलन ठीक किया जा सकता है।

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)

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