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भारत में बनने जा रहा दुनिया का सबसे लंबा रोपवे, हर घंटे 2000 लोग कर सकेंगे यात्रा, ट्रैफिक जाम से मिलेगी निजात

 Published : Apr 01, 2025 11:32 pm IST,  Updated : Apr 01, 2025 11:54 pm IST

रोपवे शुरू होने के बाद सड़क पर चलने वाले वाहनों में कमी आने का अनुमान है। लोगों को जाम से राहत भी मिलेगी। रोपवे में यात्रा करने से कम समय में ज्यादा दूरी तय की जा सकेगी।

भारत में बन रहा दुनिया का सबसे लंबा रोपवे- India TV Hindi
भारत में बन रहा दुनिया का सबसे लंबा रोपवे Image Source : FILE PHOTO-PTI

हिमाचल प्रदेश में हर साल देश-दुनिया से लाखों लोग आते हैं। सभी लोग यहां घूमने-फिरने और मौज मस्ती के लिए आते हैं। ऐसे में हिमाचल में ट्रैफिक जाम की भारी समस्या हो जाती है। इसी समस्या से निजात देने के लिए हिमाचल में दुनिया का सबसे लंबा रोपवे बनने जा रहा है। हिमाचल में पर्यटन को और बढ़ावा देने के लिए यहां की सरकार शिमला से परवाणू तक दुनिया का सबसे लंबा रोपवे बनाने जा रही है। 

40.73 किलोमीटर लंबा रोपवे

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, ये रोपवे 40.73 किलोमीटर लंबा रहेगा। प्रस्तावित रोपवे शिमला को परवाणू शहर से जोड़ेगा। सड़क मार्ग से इन दोनों के बीच की दूरी लगभग 80 किलोमीटर की है। सोलन जिले में पड़ने वाले परवाणू से शिमला तक सड़क मार्ग से यात्रा करने में लगभग 2 से 3 घंटे का समय लगता है। रोपवे से यात्रा करने में ये समय काफी बचेगा। रोपवे से हर घंटे में करीब 2,000 लोग यात्रा कर सकेंगे।

5,600 करोड़ रुपये का आएगा खर्च

रोपवे से यात्रा करने में सुंदर पहाड़ और हरियाली का नजारा लिया जा सकेगा। ट्रैफिक जाम से लोगों को निजात मिलेगी। ये परियोजना प्रगति पर है। ये रोपवे लगभग 40 किलोमीटर का रहेगा। इसे बनाने में 5,600 करोड़ रुपये का खर्च आएगा और पांच साल का समय लगेगा। 

ट्रैफिक जाम से लोगों को मिलेगी राहत

एक बार यह तैयार हो जाने पर इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। शिमला के लिए एकमात्र राजमार्ग पर होने वाला ट्रैफिक जाम से लोगों को निजात मिलेगी। यह अब तक दुनिया की सबसे दूरी वाली रोपवे प्रणाली होगी। 

RTDC को सौंपा गया काम

राज्य सरकार ने इस परियोजना का जिम्मा रोपवे और रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (RTDC) को सौंपा है। चयनित फर्म को रोपवे का डिजाइन, वित्त, निर्माण, संचालन और रखरखाव करना होगा। साथ ही टिकट बिक्री और मार्ग के साथ स्टेशनों पर कमर्शियल स्थान को पट्टे पर देना होगा जिससे आय हो सके। 

शिमला और परवाणू के बीच 11 होंगे स्टेशन

इलेक्ट्रिक रोपवे शिमला जाने का ज्यादा पर्यावरण अनुकूल तरीका होगा। रोपवे मार्ग में शिमला और परवाणू के बीच 11 स्टेशन होंगे। शुरुआती अनुमानों के अनुसार, यह प्रत्येक दिशा में प्रति घंटे 904 यात्रियों को ले जा सकता है। यानी दोनो तरफ से करीब 2000 लोग यात्रा कर सकेंगे। एक रोपवे केबिन में  8-10 यात्रियों को ले जाया जाएगा। इस रोपवे परियोजना के शुरू होने के बाद हिमाचल प्रदेश को जाम से राहत मिलेगी। साथ ही यहां के पर्यटन को और भी चार चांद लग जाएंगे।

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