हैदराबाद: तेलंगाना में नोट के बदले वोट मामले में एक और स्टिंग सामने आया है। पहले रिश्वत देने का वीडियो और अब एक ऑडियो टेप सामने आने के बाद आंध प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू की मुश्किलें बढ़ती नज़र आ रही हैं। टेप में चंद्रबाबू नायडू टीआरएस विधायक को कमिटमेंट पूरा करने का भरोसा दे रहे हैं, "अब तुम आज़ाद होकर फ़ैसला करो... कोई दिक्कत नहीं होगी। ओके। जैसा कि हमने कमिटमेंट किया था... हम लोग साथ काम करेंगे... धन्यवाद सर।"
कैश फोर वोट मामले में एक हफ्ते के अंदर दूसरे ऑडियो टेप आने के बाद चंद्रबाबू नायडू और तेलंगाना के मनोनीत विधायक एल्विस स्टीफेंसन के बीच हुई बातचीत का एक कथित ऑडियो टेप सामने आया है।
42 सेकेंड के इस ऑडियो टेप में चंद्रबाबू नायडू-टीआरएस विधायक स्टीफेंसन को वोट के बदले उनसे किए गए कमिटमेंट को पूरा करने का भरोसा दे रहे हैं। टेप में सबसे पहले मनोहर नाम का शख्स स्टीफेंसन को फोन करता है और कहता है कि बाबू गारू यानी चंद्रबाबू नायडू उससे बात करना चाहते हैं। इसके बाद एल्विस स्टीफेंसन की सीएम नायडू से बातचीत शुरू होती है। जिसमें चंद्रबाबू नायडू एल्विस को भरोसा दिला रहे हैं कि "वो फ़िक़्र ना करें... उनसे जो भी वादे किए गए हैं वो पूरे किेए जाएंगे..।"
ये है पूरी बात-चीत :
"हैलो... सर... गुड इवनिंग सर...
हां गुड इवनिंग...गुड इवनिंग... कैसे हैं आप? एक दम बढ़िया। मनोहर ने मुझे बताया। हां सर। आप चिंता मत करो। मैं आपके साथ हूं।ठीक है सर। और हर मामले में मैं आपके साथ हूं। उन लोगों ने जो भी कहा है, हम बातें रखेंगे। ठीक है सर। अब तुम आज़ाद होकर फ़ैसला करो... कोई दिक्कत नहीं होगी।
ओके। जैसा कि हमने कमिटमेंट किया था। हम लोग साथ काम करेंगे। ठीक है सर। धन्यवाद सर। थैंक्यू...थैंक्यू
वेलकम..वेलकम "
एंटी करप्शन ब्यूरो के मुताबिक, नायडू और टीआरएस विधायक एल्विस स्टीफेंसन के बीच ये बातचीत डीटीपी विधायक रेवंत रेड्डी और स्टीफेंसन की मुलाकात के बाद हुई है।
रेवंत रेड्डी ने स्टीफेंसन को एमएलसी के चुनाव में TDP उम्मीदवार को वोट देने के बदले 5 करोड़ रुपए का ऑफर दिया था। साथ ही कहा था कि अगर भविष्य में स्टीफेंसन को तेलंगाना में कोई दिक्कत हुई तो उन्हें आंध्र में एडजस्ट किया जाएगा। लेकिन स्टीफेंसन रेवंत रेड्डी के इस वादे पर चंद्रबाबू नायडू की सहमति उनके मुंह से सुनना चाहते थे इसीलिए चंद्रबाबू नायडू ने स्टीफेंसन को फोन करके वायदे पूरे करने का भरोसा दिलाया।
इस कथित ऑडियो टेप के सामने आने के बाद तेलंगाना सरकार ने चंद्रबाबू नायडू के ख़िलाफ़ कार्रवाई की मांग की है। जबकि आंध्र प्रदेश सरकार ने इस टेप की सत्यता को झुठलाते हुए तेलंगाना सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं।
पराकला प्रभाकर, सलाहकार, आंध्र सरकार ने कहा कि, "इस बातचीत में आंध्र प्रदेश के सीएम की आवाज़ नहीं है। हम इस तरह के सस्ते राजनीतिक दांवपेंच की कड़ी निंदा करते हैं। आंध्रप्रदेश के सीएम की छवी ख़राब करने और आंध्र के लोगों का मनोबल गिराने के उद्देश्य से पूरी साज़िश की गई है।"
उन्होंने कहा कि, "दो दिन पहले आप के गृह मंत्री ने कहा था कि उनके पास टेप है। अब मैं ये पूछना चाहता हूं कि जब ये घटना हुई उसके बाद मौक़े से सारे सबूत इकट्ठे करके कोर्ट में दिए गए... तो अब बातचीत का ये कथित टेप कहां से आया ?"
हालांकि, ऑडियो टेप की फोरेंसिक जांच अभी बाकी है।