नई दिल्ली: आईएनएक्स मीडिया मामले में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम की न्यायिक हिरासत को 11 दिसंबर तक बढ़ाया गया है। चिदंबरम ने कोर्ट द्वारा प्रवर्तन निदेशालय (ED) के तर्कों को खारिज किए जाने के बावजूद उनकी जमानत अर्जी खारिज होने पर नाराजगी जाहिर की। चिदंबरम ने सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की पीठ से कहा कि हाई कोर्ट ने सबूतों से छेड़छाड़ और मेरे भाग निकलने के डर से मेरी जमानत याचिका खारिज कर दी है। वहीं उनके वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि कोर्ट ने आरोप गंभीर होने के चलते चिदंबरम की जमानत याचिका खारिज की है।
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इसके अलावा जब चिदंबरम को सुनवाई के बाद जेल ले जाया जा रहा था उस दौरान उन्होंने महाराष्ट्र के राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर कहा कि राज्यपाल, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति सभी उस आधी रात में जो हुआ (फड़णवीस और अजीत पवार की शपथ) उसके लिए जिम्मेदार थे। यह दुखद है कि राष्ट्रपति इसमें शामिल हैं, गहरा दुख है कि वह सुबह 4 बजे उठते हैं।
इससे पहले चिदंबरम ने बुधवार को ट्वीट कर शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस गठबंधन को नसीहत दी। चिदंबरम ने ट्वीट कर लिखा, ''शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस गठबंधन सरकार को हार्दिक बधाई। कृपया पार्टी के निजी हितों को दूर रखकर किसान कल्याण, निवेश, रोजगार, सामाजिक न्याय और महिला एंव बाल कल्याण के सामान्य हितों को लागू करने के लिए मिलकर काम करें।'' उन्होंने एक अन्य ट्वीट में महाराष्ट्र के राज्यपाल का जिक्र करते हुए लिखा है कि क्या सुबह नौ बजे तक का इंतजार नहीं किया जा सकता था?
बता दें कि आज ही कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने तिहाड़ जेल पहुंच कर आईएनएक्स मीडिया मामले में गिरफ्तार पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम से मुलाकात की। सूत्रों का कहना है कि दोनों ने करीब 45 मिनट की मुलाकात में पूर्व वित्त मंत्री के प्रति एकजुटता प्रकट की। इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी तिहाड़ जा कर चिदंबरम से मुलाकात कर चुके हैं।